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Tuesday, November 24, 2020

निरंतर प्रयास और एप्रिसिएशन बच्चों के मौलिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक: वैज्ञानिक रपट

वाराणसी/चन्दौली डॉ सत्या होप टॉक्स  तथा डॉक्टर सत्य प्रकाश टैलेंट सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक डा सत्य प्रकाश पाण्डेय  ने फेसबुक को रियल बुक बनाने का एक प्रयोग पिछले 9 महीने से चला रखा है, सोशल मीडिया की नेगेटिविटी को दूर करना, सभी को सर्व शिक्षा अभियान का हिस्सा बनाना, तथा ऑनलाइन टीचिंग के लिए बड़ी संख्या में टैलेंट को ट्रेनिंग देना पिछले 240 दिनों से चल रहा है।शुरुआती  लक्षणों को अगर छोड़ दे तो, लगातार चल रहे पिछले तरह दस  दिवसीय वर्कशॉप के माध्यम से, समाज में एक दूसरे को जोड़कर, 

मानसिक तनाव खत्म करना, एक नई उम्मीद बनाए रखना तथा उत्साह वर्धन के माध्यम से बच्चों के छोटे-छोटे अभिव्यक्ति को शिक्षा का हथियार बनाना एक रिसर्च का हिस्सा रहा है. केवल 9 महीनों में ही देश के कोने कोने से तथा विदेशों से बच्चे जुड़कर, एक्ट एंड आर्ट एक्टिविटी के माध्यम से अपनी शिक्षा दीक्षा को व्यक्त कर रहे हैं और बड़ों से आगे निकल रहे हैं।23 नवंबर को समाप्त हुई वर्कशॉप में कुल 500 से ज्यादा लोगों के बीच, 35 बच्चों ने अपना प्रदर्शन किया, तथा अपने लिए एप्रिसिएशन भी प्राप्त किया। निश्चित रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक, एक बच्चे के माध्यम से दूसरे बच्चे तथा एक परिवार से दूसरे परिवार तक  "ट्रांसफर ऑफ नॉलेज" देने में "फेसबुक रियल बुक" बन रहा है. वैज्ञानिक 

दृष्टि से यदि इसकी तह मे  जाए तो, डॉक्टर सत्य प्रकाश जी बताते हैं,  कि इसके पीछे लगातार प्रयास और विभिन्न प्रकार के प्रयोगों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना तथा अपने घेरे से बाहर निकालने के लिए उनके द्वारा चलाई जा रही पब्लिक स्पीकिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट की वर्कशॉप बहुत काम आ रही है. आगे की योजना में, "अनुज्ञा" कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा अभियान से जोड़ना है, जिससे घर बैठे, वे समाज के सबसे बड़े दायित्व में अपनी महती  भूमिका निभा सके. "अनुज्ञा" सत्य नारी शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को 1 वर्ष तक ट्रेनिंग तथा उनकी ब्रांडिंग के लिए निरंतर सहयोग प्रदान किया जाएगा. डॉक्टर सत्य प्रकाश का मानना है, यदि समाज के सभी लोग थोड़ा थोड़ा सहयोग करें तो, 2022 तक केवल फेसबुक के माध्यम से भारत साक्षरता कार्यक्रम के साथ-साथ स्किल इंडिया मूवमेंट को भी पूरा कर लेगा।इस बार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रा रही श्रीमती गीता तिवारी, शिकागो से अनवरत डा सत्य  प्रकाश जी के साथ जुडी रही। उनकी टीम में अन्य लोग भी जुड़ रहे हैं।



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