चन्दौली।पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल द्वारा विभाग में शुचिता, निष्पक्षता और कठोर अनुशासन बनाए रखने के संकल्प के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जनपद के विवेचना सेल में तैनात निरीक्षक नागरिक पुलिस विमलेश कुमार मौर्य को कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और विवेचनात्मक नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामले का विवरण: निरीक्षक विमलेश कुमार मौर्य द्वारा थाना कोतवाली चन्दौली पर पंजीकृत मु०अ०सं०-280/2024, धारा-103(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की विवेचना की जा रही थी। विवेचना के दौरान उक्त निरीक्षक द्वारा नामित अभियुक्तगण को नियमानुसार बिना कोई नोटिस दिए, अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से विवेचना को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक लंबित रखा गया।
इसके अतिरिक्त, उच्चाधिकारियों द्वारा उक्त महत्वपूर्ण विवेचना को त्वरित गति से निस्तारित करने हेतु समय-समय पर कड़े निर्देश दिए गए थे, परंतु उक्त निरीक्षक द्वारा उन निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना की गई और विवेचना के स्थापित विधिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक सदर की जांच में यह सभी गंभीर तथ्य पूर्णतः सही पाए गए।
'उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दण्ड एवं अपील) नियमावली-1991' के नियम-17(1)(क) के प्रावधानों के अंतर्गत उक्त निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक चन्दौली ने स्पष्ट किया है कि जनता की शिकायतों पर तत्काल और उचित कानूनी कार्रवाई न करना तथा कर्तव्यों के प्रति अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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