रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया मध्य प्रदेश के सेंचुरी में जबरन श्रमिकों को हटाने को लेकर धरनारत मेधा पाटकर सहित 700 सेंचुरी सत्याग्रहियों श्रमिकों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मनरेगा मज़दूरों ने मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा सभी आंदोलन कारियों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। आराजी लाईन ब्लाक की मनरेगा मज़दूरों की नेत्री नेहा व पूजा के नेतृत्च में किशोरियों व मज़दूरों ने हाथों में तख्तियां लेकर मनरेगा मजदूर यूनियन कार्यालय के बाहर ब्लाक मुख्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया और मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।मेधा पाटकर को रिहा करो, मज़दूर एकता जिंदाबाद, सेंचुरी के श्रमिकों को जबरन हटाना बन्द करो, शिवराज सरकार हाय हाय तथा सेंचुरी श्रमिकों पर हमला बंद करो आदि नारा लगाकर उक्त गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे।मनरेगा मज़दूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने कहा कि यह श्रमिकों और उनके अधिकार और स्वतंत्रता पर सीधा सीधा हमला है।शिवराज सरकार पुलिसिया कार्रवाई से सेंचुरी श्रमिकों को डराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिवराज सरकार पुलिस के बल पर श्रमिकों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। नेहा ने कहा कि मेधा की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है. शिवराज सरकार का यह कदम लोकतंत्र पर हमला है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से पूजा, मुश्तफ़ा, निशा, रोहित, खुशबू, सरस्वती, शीला, संजू, प्रेमा, पूनम, काजल, प्रियंका, सुशीला, सहित सैकड़ों मजदूर व किशोरी शामिल थे।

No comments:
Post a Comment