गाजीपुर: विधानसभा में सदर विधायक संगीता बलवंत ने गाजीपुर के लिए विश्वविद्यालय की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा समय में जनपद में महाविद्यालयों की संख्या को देखते हुए गाजीपुर के लिए विश्वविद्यालय बहुत ही आवश्यक है। लहुरी काशी के नाम से विख्यात गाजीपुर शुरू से ही शिक्षा का केंद्र रहा है। लेकिन बदली परिस्थितियों में गाजीपुर को शिक्षा माफियाओं का जनपद भी कहा जाता जाने लगा था। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि निजी विद्यालयों की स्थापना इस जनपद में पूरे प्रदेश के हिसाब से सबसे ज्यादा है । गाजीपुर जनपद में करीब 350 से ज्यादा महाविद्यालय आज वर्तमान समय में मौजूद हैं। जबकि यूजीसी के मानक के हिसाब से करीब 225 महाविद्यालयों के बाद ही सरकार को विश्वविद्यालय की स्थापना कर देना चाहिए । शिक्षा माफियाओं के रैकेट ने गाजीपुर में विश्वविद्यालय नहीं स्थापित होने दिया । विधानसभा के बजट सत्र में बोलते हुए सदर विधायक ने विश्वविद्यालय की मांग की और कहा कि जनपद को विश्वविद्यालय की जरूरत है। जनपद सारी योग्यताओं पर खरा उतरता है। सदन में जोरदार बहस करते हुए सदर विधायक संगीता बलवंत ने मांग की की जनपद में विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए इसी बजट सत्र में गाजीपुर के लिए विश्वविद्यालय की घोषणा की जाए जो उनके विधानसभा क्षेत्र में स्थापित हो। प्रखर पूर्वांचल से बातचीत करते हुए सदर विधायक संगीता बलवंत ने कहा कि उन्होंने बजट सत्र पर चर्चा के दौरान जनपद के लिए विश्वविद्यालय की मांग की उन्होंने कहा कि जनपद विश्वविद्यालय की सारी शर्तों को पूरा करता है उन्होंने कहा कि इसके लिए वे आगे व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से भी संपर्क करेंगे वहीं उन्होंने अपनी एक पुरानी मांग पर बताया कि मछुआरा समाज की उपजातियां बिंद,मलाह, केवट, निषाद को पिछड़ी जाति से निकालकर अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का मामला उठाया था।
Post Top Ad
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Post Bottom Ad
About us
मीडिया के क्षेत्र में वर्षों के अनुभवों के बाद "जन सच" पोर्टल को इस विश्वास के साथ चलाया जा रहा है कि सच्ची व सही खबरें पाठकों को सुलभता के साथ उपलब्ध कराई जा सके।
नोट-"जन सच" के नाम का कोई गलत इस्तेमाल करता है तो उसकी जानकारी आप मेल पर दें सकते हैं।
हम से सम्पर्क -jansach20@gmail.com

No comments:
Post a Comment