रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया-आन्ध्र प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि सब्जी के खेती को बढ़ावा देकर प्रदेश के किसानों की आय में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। आन्ध्र प्रदेश की मुख्य फसल चावल, कपास, ज्वार, बाजरा आदि है।किसानों की आमदनी एवं पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सब्जी की खेती को बढ़ावा आन्ध्र प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है।इसी परिप्रेक्ष्य में आन्ध्र प्रदेश के राज्य बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक डॉ.शेखर बाबू गेददम ने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी का दौरा किया। यहाँ पर चल रहे शोध कार्यों एवं बीजों के बारे में जानकारी ली। संस्थान के निदेशक डॉ. टी.के. बेहेरा एवं डॉ. गेददम के बीच आपसी सहयोग को लेकर गहन चर्चा हुई। मुख्य रूप से टमाटर, भिण्डी, बैंगन, लोबिया, करेला, खीरा, कुम्हड़ा, लौकी, शिमला मिर्च एवं पत्तागोभी फसलों के विभिन्न प्रजातियों के उस क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर खेती करने की सहमति बनी। इसके आलावा संस्थान द्वारा किचेन गार्डेन हेतु जिसमें 10 प्रकार की सब्जियाँ होगी। इस पैकेट की पाइलट स्केल पर छोटे किसानों को आन्ध्र प्रदेश सरकार द्वारा दिया जायेगा।इस अवसर पर सब्जी उन्नयह विभाग के अध्यक्ष डॉ. पी. एम. सिंह के साथ डॉ. सुधाकर पाण्डेय, डॉ. नीरज सिंह एवं डॉ. राजेश कुमार भी उपस्थित थे।
No comments:
Post a Comment