मनुष्य का एक ही कर्म व धर्म है और वह है मानवता:-- डा.महेन्द्र नाथ पाण्डेय (भारी उद्योग मंत्री भारत सरकार ) - जनसच न्यूज़

Breaking

नमस्ते जन सच न्यूज़ में आपका स्वागत है , जन सच तक अपनी बात jansach20@gmail.com के माध्यम से पहुचायें |

Post Top Ad

Post Top Ad

Saturday, October 15, 2022

मनुष्य का एक ही कर्म व धर्म है और वह है मानवता:-- डा.महेन्द्र नाथ पाण्डेय (भारी उद्योग मंत्री भारत सरकार )

मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में चन्दौली के मरीजों के मोतियाबिंद का निःशुल्क आपरेशन करके मनाया गया मंत्री डा.महेन्द्र नाथ पाण्डेय जी का जन्मदिन

चन्दौली, वाराणसी जो गुण व भाव मनुष्य के आचरण में न आए, उसका कोई मतलब नहीं रह जाता है।मनुष्य का एक ही कर्म व धर्म है और वह है मानवता।जो व्यक्ति अपने जीवन को मानवता की सेवा में समर्पित कर दे, वही सच्चा सेवक है। आज ज्यादातर लोग भौतिक वस्तुओं को पाने के लिए अपना पूरा जीवन व्यतीत कर देते हैं, लेकिन जब वे इस दुनिया से विदा होते हैं तो वे अपने साथ कुछ भी नहीं ले जा पाते। उनकी सारी कमाई यहीं रह जाती है। अगर वे कोई चीज अपने साथ ले जाते हैं तो वह है उनके अच्छे कर्म और लोगों की दुआएं।उक्त बातें कही भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री डा.महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने। मौका था उनके जन्मदिन के अवसर पर मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में चन्दौली में गरीबों एवं बेसहारों के मोतियाबिंद के नि:शुल्क आपरेशन के आयोजन का।  मंत्री जी विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस सेवा यज्ञ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम इस दुनिया में इंसान बनकर आए हैं तो सिर्फ इसलिए कि हम मानव सेवा कर सकें। पूरे विश्व में ईश्वर ने हम सभी को एक-सा बनाया है। फर्क बस, स्थान और जलवायु के हिसाब से 

हमारा रंग-रूप, खान-पान और जिंदगी जीने का अलग-अलग तरीका है। आत्मभाव से हर मनुष्य एक समान है। उन्होंने उपस्थित सभी लाभार्थियों को ढेर सारी शुभकामनाएं दी और लगातार गरीबों एवं बेसहारों की सेवा करने के लिए मातृभूमि सेवा ट्रस्ट का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के संयोजक भाजयुमो के जिलामंत्री आलोक सिंह ने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्चे अर्थो में ईश्वर की सेवा है।कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए महानगर संयोजक राजेश सिंह रिंकू ने कहा कि मानवता के लिए न तो पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होती है और न ही भावना की, बल्कि सेवा भाव तो मनुष्य के आचरण में होना चाहिए। जो गुण व भाव मनुष्य के आचरण में न आए, उसका कोई मतलब नहीं रह जाता है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डा. अतुल शाहु, डा.जतिन, डा. वन्दना, मिथिलेश पाण्डेय, के.के द्विवेदी, रीता पाण्डेय, राम अशीष, सुमंत कुमार मौर्य,रामजनम यादव,अजय सिंह, शिवपूजन पासवान, संदीप दुबे, प्रवीण नागर, शंकर खरवार, बसन्तू, अमरचंद जायसवाल, बैजनाथ यादव,झूरी यादव, रबि मुनि, रमाशंकर, बृजभार, दुखहरन शाहनी, मोंगा, उर्मिला, रामदेई, अकबरी, मुराही, प्रिंस जायसवाल,चिंता देवी, रामाश्रय, उजैल खान, कमला यादव इत्यादि उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने किया। आभार राष्ट्रीय शैक्षिक संघ चकिया की ब्लॉक अध्यक्ष रीता पाण्डेय ने किया।



No comments:

Post a Comment



Post Bottom Ad