रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत जनपद बनारस में पारंपरिक कारीगरों के कौशल विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। शुक्रवार को कोरौत में जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र द्वारा इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसका उद्घाटन विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। एमएलसी भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे पारंपरिक कारीगरों की विरासत को आधुनिक बाजार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के काबिल बनाने का एक प्रभावी माध्यम है।उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिकों के कौशल संवर्धन के साथ-साथ स्वरोजगार के द्वार खोलेगी जिससे जनपद का आर्थिक ढांचा और सुदृढ़ होगा।कार्यक्रम का संचालन यू.पी. इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) ने की।कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से संयुक्त उपायुक्त उद्योग मोहन कुमार शर्मा, जिला उपायुक्त उद्योग अजय कुमार गुप्ता इत्यादि लोग मौजूद रहे।

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