रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा मऊ जनपद के बहरवार गांव में अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत एक दिवसीय सब्जी उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण एवं गुणवत्तायुक्त बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 152 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट और हरी खाद के वैज्ञानिक प्रयोग पर बल दिया। वैज्ञानिक डॉ. सुजन मजूमदार ने कीटनाशक अवशेष रहित सब्जी उत्पादन की तकनीकों के बारे में बताया, जबकि प्रधान कीट वैज्ञानिक डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने नर्सरी को कीटों और वायरल रोगों से बचाने तथा नीम की खली से नियंत्रण की विधियां साझा कीं। केवीके पिलखी मऊ के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिंह ने असंतुलित उर्वरकों से दोहरी हानि के प्रति सचेत किया और फसल चक्र व उन्नत पशुपालन अपनाने पर जोर दिया। समापन पर सभी किसानों को संस्थान द्वारा विकसित मटर की उन्नत प्रजाति काशी नंदिनी का 1-1 किलो बीज निःशुल्क वितरित किया गया। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत देव सिंह, डॉ. हिमांशु राय, देवराज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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