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Friday, March 23, 2018

न्यूक्लियर हमले की तरह होगा ये...

अमेरिका में मौजूद दुनिया के सबसे खतरनाक ज्वालामुखली यलोस्टोन Yellowstone Volcano को लेकर साइंटिस्ट्स को एक नया डर सताने लगा है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस की ओर से की गई रिसर्च में इस ज्वालामुखी खतरनाक सच्चाई सामने आई है। रिसर्च के मुताबिक यहां जियोलॉजिस्ट्स को ज्वालामुखी के नीचे 72 किलोमीटर लंबे और 54 किलोमीटर चौड़ी एक चैनल मिला है जो लावा से भरा हुआ। ये जानकर अब साइंटिस्ट भी घबरा गए हैं और अब सवाल ये है कि अगर इस सुपर वॉल्कैनो में धमाका हुआ तो क्या क्या होगा।
 न्यूक्लियर हमले की तरह होगा ये...
  यूनिवर्सिटी की ओर से रिसर्च कर रहे डॉ. पीटर नेलसन ने बताया कि इतनी तादाद में लावा होना बेहद खतरनाक है। ये कभी भी फट सकता है और अगर ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया में इसके विनाशकारी असर होंगे।
ऐसे मचेगी तबाही
 रिसर्च टीम के मुताबिक इस ज्वालामुखी में इतनी ताकत है कि इसका मलबा आसमान में सैकड़ों किलोमीटर तक फैलेगा। इस निकलने वाली मोटी राख आसमान में जम जाएगी जो सूरज की किरणों को पूरी तरह ढक देगी। इससे परमाणु के हमले के बाद जैसे हालात बन जाएंगे। सूरज की किरणें महीनों धरती तक नहीं पड़ेगी और हम न्यूक्लियर विंटर जैसा कुछ देखेंगे। इतना ही नहीं इसका लावा भी कई किलोमीटर के दायरे में बिखरेगा जिससे वहां जीवन नष्ट हो जाएगा।
पहले भी साइंटिस्ट्स ने दी चेतावनी
इससे पहले ज्वालामुखियों पर रिसर्च करने वाले Dr Michael Poland ने बताया था कि सबसे खतरनाक माने जाने वाले Yellowstone Volcano में बेहद ताकतवर धमाका हो सकता है। अमेरिका की Volcano Observatory में रिसर्च कर रहे इस साइंटिस्ट ने चिंता जताई थी कि इस बार इसके विस्फोट से हाइड्रोथर्मल इरप्शन होगा। अगर ऐसा होता है तो इससे लगे कई इलाकों में विनाश जैसी स्थिति बन जाएगी और कई जानें को खतरा भी होगा। 
 क्या है हाइड्रोथर्मल इरप्शन
हाइड्रोथर्मल इरप्शन (hydrothermal eruption) तब होता है जब जमीन के नीचे मौजूद कोई पानी का बड़ो स्त्रोत ऐसे ज्वालामुखी की वजह से बेहद गर्म हो जाता है। ये इतना गर्म हो जाता है कि विस्फोट के साथ जमीन को चीरता हुआ कई सौ फीट तक निकलता है। खौलते हुए पानी के साथ-साथ चट्टानों के टुकड़े बम के गोले की तरह निकलते हैं।
13 हजार साल पहले हुआ था ऐसा धमाका
डॉक्टर पोलैंड ने बताया कि लगभग 13 हजार साल पहले ऐसा ही एक धमाका इस ज्वालामुखी के पास हुआ था जिस वजह से यहां 2.5 किलोमीटर चौड़ी खाई बन गई थी।
डॉक्टर ने आगे कहा कि यहां ऐसे छोटे-मोटे विस्फोट अक्सर होते रहते हैं जिससे कई मीटर लंबे गड्ढे बनते रहते हैं, पर अब कुछ विनाशकारी भी हो सकता है।


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