रिपोर्ट-ए.आर यादव
चन्दौली पीडीडीयू नगर अपने दुख में रोने वाले मुस्कुराना सीख लें ,दूसरों के दर्द में आंसू बहाना सीख लें,जो खिलाने में मजा ,वो खाने में नहीं ,जिंदगी में तू किसी के काम आना सीख ले,उक्त लाइन को चरितार्थ करते हुए श्री सेवा सामाजिक संस्था ने रविवार को नेक पहल करके लोगों का दिल जीत लिया।सोशल मीडिया पर अलीनगर निवासी प्रधान प्रजापति के आर्थिक सहयोग के पोस्ट वायरल होने पर श्री सेवा सामाजिक संस्था डीडीयू नगर के संस्थापक व अध्यक्ष सतीश जिंदल ने मामले को संज्ञान में लिया और अपनी टीम के साथ प्रधान प्रजापति के घर जाकर वास्तविक स्थिति से अवगत होने के उपरांत त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 दिन के लिए खाद्य सामग्री का सामान देने के साथ ही आंख के इलाज में आने वाले खर्च का पूरा जिम्मा उठाया है और हर संभव मदद करने की बात कही है। संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष सतीश जिंदल ने कहा कि हमारी संस्था गरीब परिवारों को चिहिन्त कर उन्हे हर स्तर से मदद दिलाने का कार्य करती है। सोशल मीडिया के द्वारा हमे भी आर्थिक रूप् से जूझ रहे प्रधान प्रजापति के बारे में जानकारी हुई तो हमलोगों द्वारा संस्था की ओर से परिवार को 15 दिन के लिए खाद्य सामग्री के साथ ही अन्य जरूरी सामान दिया गया है और हर 15 दिन पर उनको जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री पहुंचाया जायेगा। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाने व उनके आंख के इलाज में आने वाले खर्च की जिम्मेदारी संस्था ने लिया है। कहा कि सहयोग के साथ ही प्रधान प्रजापति को काम दिलाने की भी व्यवस्था की जा रही है जो वह कर सके। संस्था के मुख्य प्रवक्ता आशाराम यादव ने कहा कि श्री सेवा सामाजिक संस्था ऐसे ही परिवार को चिहिन्त करती हैं जो सहयोग के पात्र. हैं और उनको शादी विवाह से लेकर बच्चों को पढ़ाने लिखाने तक की जिम्मेदारी उठाती है।
बताते चलें कि प्रधान प्रजापति एक हिंदी अखबार के कार्यालय में कंप्यूटर चलाता था उसकी आंख की रोशनी पिछले 1 वर्ष पहले चली गई अचानक रोशनी चले जाने के बाद इलाज का खर्च भी गरीब होने के कारण मुश्किल हो गया फिर भी लोगों के सहयोग से चेन्नई शंकर हॉस्पिटल में उसका इलाज कराया गया फिर भी दोनों आंख में रोशनी नहीं आई धीरे-धीरे स्थिति बद से बदतर होती गई उसकी बीवी और 4 बच्चे भी खाने-पीने से लेकर हर तरह से जूझते नजर आए कुछ दिन पहले प्रधान प्रजापति अलीनगर के कुछ टेंट हाउस पर अपने लायक काम करने की तलाश में गया लेकिन आंख में रोशनी कम होने के कारण किसी ने उसे उस लायक नहीं समझा और ना ही नौकरी दी यह जानकारी क्षेत्र के समाजसेवी चिंतक लाल बहादुर सिंह चौहान ने अपने लोगों से साझा की तो कई छात्रों ने ₹200 एक ₹100 करके उसे लगभग ₹2000 एकत्रित किए इसके बाद यह खबर सोशल मीडिया ,फेसबुक पर चलने लगी इसे संस्था के संस्थापक सतीश जिंदल जी ने देखा और अपनी संस्था के लोगों को इसके बारे में बताया संस्था के सभी सदस्य सहयोग करने के लिए समर्पित दिखे जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुख्य प्रवक्ता आशाराम यादव को लेकर रविवार को 11 बजे 15 दिन का राशन लेकर उसके घर पहुंचे जहां सभी चीजों की जानकारी लेते हुए उसे मदद करने का भरोसा दिलाया। वैसे भी या संस्था 1 वर्ष से गरीबों असहाय जरूरतमंदों के साथ खड़ी है कई अनाथ बच्चों को भी गोद लेने का काम किया है उनके घर हर माह खाद्य सामग्री से लेकर पीने के लिए दूध तक संस्था द्वारा पहुंचा दिया जाता है। ऐसे पीड़ितों की सेवा करना जिंदादिल अध्यक्ष सतीश जिंदल की रग रग में भरा हुआ है जिसके मकसद से ही इन्होंने ऐसी संस्था की स्थापना ऐसे ही जिंदादिल 51 सदस्यों के माध्यम से पीड़ितों का मदद कराने का काम निरंतर कर रहे हैं। जिसमें सभी सदस्यों का भरपूर योगदान मिलता है।लॉकडाउन के दौरान आर्थिक रूप से जूझ रहे प्रधान प्रजापति के प्रति श्री सेवा सामाजिक संस्था के इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना भी की। सतीश जिंदल इसके पहले भी कई अनाथों और असहाय लोगों के नाथ बनकर मदद करने का काम किया है। इस दौरान लाल बहादुर सिंह चौहान और रमेश यादव जी उपस्थित रहे।

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