युगपुरुष के जाने से पिछड़े व वंचितों की अपूरणीय क्षति-रंजीत कुमार
चन्दौली शहाबगंज।समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव अब नहीं रहे।उनके निधन का समाचार सुन शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गई।क्योंकि सपा संरक्षक का राजनीतिक जीवन एक प्राथमिक शिक्षक से ही शुरुआत हुआ था और साल 1967 में उत्तर प्रदेश की जसवंतनगर विधानसभा से पहली बार चुनाव जीतने वाले मुलायम सिंह यादव साल 1989 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 1993 में वह दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने।वह बीते 2 अक्टूबर से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे।रविवार को मेदांता अस्पताल ने बताया था कि मुलायम सिंह यादव की सेहत नाज़ुक बनी हुई है और उन्हें जीवन रक्षक दवाएं दी जा रही हैं।जहां उन्होंने इलाज के दौरान अपनी अंतिम सांस ली।जिससे जगह-जगह श्रद्धांजलि देने का क्रम भी शुरू हो गया है।इसी के क्रम में विकास खण्ड शहाबगंज के शिक्षक संघ के प्रत्याशी रंजीत कुमार के नेतृत्व में एक शोक सभा का आयोजन किया गया जहां शिक्षकों ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को दो मिनट मौन रहकर श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर चंचल कुमार सिंह,लक्ष्मी नारायण सिंह, अब्दुल समद,विजय श्याम तिवारी,अजय सोनकर,संजय कुमार राय,जैनेन्द्र लाल,सुनील कुमार,सत्येन्द्र कुमार,नामवर सिंह,रामनारायण पांडेय, प्रमोद पटेल,हीरा यादव, अखिलेश यादव,रामविलास,रामपति,कल्लू इत्यादि शिक्षक उपस्थित रहे।

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