चंदौली गरीब व असहाय लोगों के इलाज के लिए शुरू की गई आयुष्मान कार्ड योजना से जिले के लोगों को नया जीवन मिल रहा है| गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को इस योजना में सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी इलाज की सहूलियत मिल रही है | योजना में बीपीएल परिवारों को भी पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा प्राप्त हो रही है| इस योजना से जो लोग महंगा इलाज (पांच लाख रुपये तक का) करा कर ठीक हो चुके है, उनके परिवार में खुशियां कायम हैं| यह कहना है आयुष्मान कार्ड योजना के नोडल अधिकारी डॉ अमित दुबे का |
आयुष्मान योजना से नई जिंदगी पाने वालों में शामिल हैं सदर निवासी 28 वर्षीय डब्लू मजदूरी करते हैं | डब्लू ने बताया कि 18 जून को उनका एक्सीडेंट हुआ था जिसमें उन्हें पेट के नीचे के हिस्से में चोट लग गई | जिस कारण से पेट में तेज दर्द और पेशाब होना बंद हो गया | तेज दर्द होने के कारण निजी अस्पताल में गया | ऑपरेशन में लगभग एक लाख का खर्च होने के कारण उपचार नहीं करा पाया | धन अभाव के कारण जो इलाज और ऑपरेशन 48 घंटे के अंदर हो जाना चाहिए था,वह नहीं हो पाया | जिसकी वजह से मेरी स्थिति खराब होती जा रही थी | पैसे के अभाव से इलाज नहीं हो पा रहा था | ऐसे में निजी अस्पताल में ही मौजूद व्यक्ति ने मेरी माता को बताया कि हरिओम अस्पताल में आयुष्मान योजना कार्ड से निशुल्क इलाज किया जाता है। डब्लू बताते हैं कि 27 जुलाई 2022 को हरिओम अस्पताल में गया और आयुष्मान कार्ड होने से मेरा सफल ऑपरेशन हुआ और आयुष्मान के कारण ही मैं आज जिंदा हूँ | बताया की उन्हें इलाज, जांच की पूरी सुविधा दी गयी | अगर मेरे पास आयुष्मान कार्ड नहीं होता तो यह सब इलाज कराने में कम से कम एक लाख लगते और गरीबी के कारण इलाज भी नहीं करा पाते ।
हरिओम अस्पताल के सर्जन डॉ विवेक सिंह ने बताते है कि 27 जुलाई को (डब्लू) मरीज की तुरंत जांच कराई गयी | जांच में पता चला की उनके पेशाब का रास्ता बंद था और अल्ट्रासाउंड हुआ जिसमें पित्त की थैली में पथरी निकली | मरीज को पेशाब करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जिसमें पेट के मार्ग से पेशाब का रास्ता बना दिया और पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया | मरीज की 7 दिन बाद छुट्टी कर दी और उसके पेशाब के रास्ते में रुकावट की जो समस्या थी उसके ऑपरेशन के लिए 2 महीने का समय दिया गया और 27 सितम्बर को उनका सफल ऑपरेशन हुआ |आयुष्मान योजना के जिला ग्रिवान्स मैनेजर अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अब तक कुल 321000 कार्ड बनाए गए है | जिसमें अब तक कुल 27500 को इलाज की सुविधा दी गयी | साथ ही अब तक लगभग 30 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है | आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब एवं असहाय परिवारों पर बीमारियों पर होने वाले खर्चे का आर्थिक बोझ कम एवं गुणवत्ता पूर्वक इलाज समय पर उपलब्ध कराना है | इस योजना में परिवार को 5 लाख रुपये का सालाना इलाज योजना के अन्तर्गत सम्बद्ध निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध है |

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