आईआईवीआर में बदलते जलवायु परिदृश्य में सब्जियों का संकर बीज उत्पादन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण - जनसच न्यूज़

Breaking

नमस्ते जन सच न्यूज़ में आपका स्वागत है , जन सच तक अपनी बात jansach20@gmail.com के माध्यम से पहुचायें |

Post Top Ad

Post Top Ad

Monday, January 19, 2026

आईआईवीआर में बदलते जलवायु परिदृश्य में सब्जियों का संकर बीज उत्पादन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण

रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव  

वाराणसी आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में सोमवार को "बदलते जलवायु परिदृश्य में सब्जियों का संकर बीज उत्पादन" विषयक पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में देश के 12 प्रांतों से 30 वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को बदलते मौसम की चुनौतियों में सब्जी फसलों के संकर बीज उत्पादन की उन्नत तकनीकों से परिचित कराना है।आईआईवीआर के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि "सब्जी बीजों की गुणवत्ता ही उत्पादन की सफलता का मूल आधार है। जलवायु परिवर्तन के दौर में संकर बीजों का उत्पादन न केवल पैदावार बढ़ाने बल्कि फसल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हो गया है।" उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में टमाटर, भिंडी, खीरा, कद्दू वर्गीय सब्जियों के संकर बीज उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, पैरेंटल लाइन के चयन, परागण प्रबंधन, बीज शुद्धिकरण एवं गुणवत्ता परीक्षण पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।कार्यक्रम में मॉड्यूलर प्रशिक्षण के अंतर्गत व्याख्यान, प्रदर्श प्रदर्शन, फील्ड विजिट एवं प्रायोगिक सत्र शामिल हैं। विशेषज्ञों द्वारा जलवायु प्रतिरोधी संकर किस्मों के विकास, बायोफर्टिलाइजर एकीकरण, आईसीएम तकनीकों एवं डिजिटल बीज ट्रेसिबिलिटी पर भी मार्गदर्शन किया जाएगा। प्रतिभागियों को आईआईवीआर की उन्नत लैब सुविधाओं में संकर बीज उत्पादन प्रक्रिया का हाथों-हाथ अनुभव प्राप्त होगा।डॉ. कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण किसानों तक गुणवत्ता बीज पहुँचाने के शासन के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम का समापन 23 जनवरी को प्रमाण पत्र वितरण के साथ होगा।आईआईवीआर इस प्रकार के प्रशिक्षणों के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों को जलवायु अनुकूल सब्जी उत्पादन तकनीकों से लैस करना प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम का संचालन डॉ गोविन्द पाल एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजीव कुमार ने दिया। इस अवसर पर संस्थान के तीनों विभागाध्यक्ष, परियोजना समन्वयक, समस्त वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



No comments:

Post a Comment



Post Bottom Ad