रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया।दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी), वाराणसी द्वारा प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र (पीएमडीके) के सहयोग से तथा राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के संयुक्त तत्वावधान में काशी विश्वनाथ कुष्ठ रोगी आश्रम में जाँच सह आकलन शिविर का आयोजन किया गया।शिविर का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास को सुदृढ़ करना तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप उन्हें आवश्यक पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना रहा। शिविर के दौरान सीआरसी एवं पीएमडीके के विशेषज्ञों द्वारा लाभार्थियों की शारीरिक जाँच, कार्यात्मक आकलन एवं पुनर्वास आवश्यकताओं का मूल्यांकन किया गया।इस अवसर पर कुष्ठ जनित दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों की पहचान कर सहायक उपकरणों हेतु पात्र लाभार्थियों का चयन किया गया तथा उन्हें सामाजिक समावेशन, सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।शिविर में सीआरसी वाराणसी के निदेशक आशीष कुमार झा, सहायक प्राध्यापक (विशेष शिक्षा) नमो नारायण पाठक, फिजियोथेरेपी लेक्चरर आशीष पाराशर तथा पीएमडीके केंद्र, वाराणसी से अवनीश सहित अन्य कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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