अम्बेडकर नगर गायत्री प्रज्ञापीठ जैतूपुर,में विचार क्रांति अभियान के अंतर्गत शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में वेदमूर्ति तपोनिष्ठ युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में, आत्मनिर्माण, व्यक्ति निर्माण, समाज निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से 27 मार्च दिन शुक्रवार से 31 मार्च दिन मंगलवार तक गायत्री महायज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रज्ञा पुराण कथा एवं यज्ञ, संस्कार आदि कर्मकांड हेतु परिव्राजक, शांति कुंज हरिद्वार से आये है! कथावाचक एवं टोली नायक सत्य नारायण, गायक जगदम्बा प्रसाद, सहायक संतोष कुमार, ढोलक वादक उत्तम एवं पैड वादक रणधीर जी द्वारा महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का तीसरा दिन का समापन हुआ,जिसमें श्रद्धांलुओं ने दिव्य वातावरण में आत्म निर्माण एवं परिवार निर्माण के विभिन्न पहलुओं को सुना, समझा। पुंसवन संस्कार, अन्नप्रासन, नामकरण, जन्मदिन, विद्यारम्भ संस्कार, दीक्षा संस्कार, विवाह संस्कार आदि विन्दुओं पर उपस्थित श्रद्धांलुओं को संवेदित किया। पूज्य गुरु जी के सन्देश को प्रज्ञा पुराण में मिश्रित कर सरल सहज़ तरीके से सुनाया। विश्व में मची उथल पुथल के समन हेतु महा मृत्युंजय मन्त्रों द्वारा आहुतियाँ डाली गयीं।
कार्यक्रम का संचालन समर बहादुर एवं श्रवण कुमार ने किया। आयोजन में अहम् भूमिका अखिलेश कुमार की रही। प्रचार प्रसार में महिला मण्डल की रंजना, पूनम, सरोज, माधुरी, नीलम, गायत्री, युवा मण्डल के हरिहर जी, अशोक कुमार जी, उत्कर्ष आदि समस्त सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में देवेंद्र कुमार, अशोक, अरुण कुमार, लोकेश, प्रखर, देवस्य, आईसी, दिव्या, विनय कुमार, तेज बहादुर, शशांक, श्रीराम, महेन्द्र प्रताप, राम बक्श, शशि, अम्बाला, जय प्रकाश आदि कुल सैकड़ों लोगों ने प्रतिभाग किया।

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