रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में पाँच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी-01) मशरूम एवं मधुमक्खी पालन उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन सकुशल संपन्न हुआ।प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सुदर्शन मौर्य ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, हैंड्स-ऑन अभ्यास तथा एक्सपोज़र विजिट के माध्यम से मशरूम एवं मधुमक्खी पालन आधारित उद्यम स्थापित करने की वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक जानकारी प्रदान की गई।समापन समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने प्रतिभागियों से मशरूम उत्पादन को लाभकारी उद्यम के रूप में अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यम की सफलता के लिए सुनियोजित योजना एवं प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने संस्थान की ओर से निरंतर तकनीकी एवं परामर्श सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही विपणन अवसरों की बेहतर समझ विकसित करने और अधिक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण पर ध्यान देने की सलाह दी, ताकि प्रतिभागी आत्मविश्वास के साथ उद्यम स्थापित कर सकें।कार्यक्रम में डॉ. ए. एन. सिंह, डॉ. डी. पी. सिंह एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन ईडीपी समन्वयक डॉ. नीरज सिंह ने किया।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ए. एन. त्रिपाठी ने किया।

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