रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी। ब्रज क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व के समग्र अध्ययन, संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भारतीय पुरातत्त्व परिषद एवं ब्रिसेक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने संयुक्त रूप से ‘डिस्कवरिंग ब्रज’ नामक बहुआयामी शोध परियोजना की शुरुआत की है। इस परियोजना का उद्देश्य ब्रज क्षेत्र की समृद्ध पुरातात्त्विक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का व्यापक अध्ययन, सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण करना है। परियोजना के तहत मथुरा सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से जुड़े ब्रज क्षेत्र का अध्ययन किया जाएगा, जिसका संबंध प्राचीन शूरसेन महाजनपद से रहा है। इसमें वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बरसाना, नंदगाँव, राधाकुंड, महावन और बलदेव जैसे प्रमुख स्थलों के मंदिरों, मूर्तियों, अभिलेखों और सांस्कृतिक अवशेषों का जीआईएस आधारित मानचित्रण एवं वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया जाएगा। परियोजना में पुरातत्व, इतिहास और विज्ञान के विशेषज्ञों की सहभागिता रहेगी और इसके परिणामों के आधार पर एक व्यापक मोनोग्राफ तैयार किया जाएगा। यह परियोजना प्रो. मुरली मनोहर जोशी, प्रो. बी. आर. मणि, डॉ. हर्षवर्धन चावला, अशोक कुमार सिंह, प्रो. शंकर सन्याल, डॉ. राजीव द्विवेदी, डॉ. अजय भामी, रविंद्र कुमार सिंह, अजीत कुमार मिश्रा, डॉ. विनय कुमार गुप्ता एवं अर्श अली के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है।

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