रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना में राजभाषा हिंदी के प्रभावी और अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बुधवार को महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में बरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अधिकारियों से अनुवाद पर निर्भरता कम करते हुए मूल रूप से हिंदी में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का सहज और प्रभावी प्रयोग राजभाषा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। सभी विभागों को राजभाषा संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में तकनीकी विषयों को भी हिंदी में प्रस्तुत करने की पहल देखने को मिली। मुख्य अभिकल्प इंजीनियर विद्युत अनुराग कुमार गुप्ता ने कवच विषय पर हिंदी में पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से इसकी कार्यप्रणाली, उपयोगिता और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बरेका में राजभाषा के प्रयोग और प्रगति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, उप महाप्रबंधक सागर सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में मुख्य राजभाषा अधिकारी और मुख्य यांत्रिक इंजीनियर उत्पादन एवं विपणन राम जन्म चौबे ने अधिकारियों का स्वागत किया और बरेका में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों और प्रगति से अवगत कराया।

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