वाराणसी: सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान श्री जे पी सिंह ने मीडिया को बताया कि बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार दो कैटेगरी के लोगों के बच्चों का निशुल्क शिक्षा का लाभ दिया जाता है।पहला कैटेगरी अ लाभातित समूह, दूसरा कैटेगरी दुर्बल वर्ग है ।अलाभातित समूह के लोग एससी. एसटी. और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोग होने चाहिए। दूसरा समूह दुर्बल वर्ग जिनकी आय ₹100000.एक लाख प्रति वर्ष के नीचे हो, गरीबी रेखा के नीचे हो, विधवा ,असहाय, असाध्य रोगों, से पीड़ित हो चाहे जिस जाति समाज के हो। आर्थिक रुप.से दुर्बल वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा हेतु पसंदीदा स्कूल जो एक से डेढ़ किलो मीटर के अंदर हो ।शहरीक्षेत्र के लोग आवेदन ऑनलाइन बीएसए ऑफिस में करेंगे। व ग्रामीण क्षेत्र के लोग ए.बी.यस.ए. कार्यालय या डायरेक्ट बीएसए कार्यालय में ऑफलाइन भी कर सकते हैं। आवेदन को सत्यापित करने के बाद सभी प्रमाण पत्र के जांच उपरांत सही पाए जाने पर दूरी के हिसाब से पसंदीदा स्कूल में एडमिशन करा दिया जाता है। व बच्चो की फीस ₹450 /-प़तिमाह सरकार द्वारा स्कूल को दिया जाता है ।पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में दो माह का फीस व 2017-18ई में चार माह का फीस शासन द्वारा प्राप्त हुई। जो स्कूलों के खाते में ट्रांसफर भी कर दिया गया । बाकि फीस की डिमांड शासन को भेजा गया है।
एडमिशन कंप्यूटराइज्ड लाटरी व्दारा सेट होता है। बताते चलें कि राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत बच्चो व अभिभावको को आसपास का होना चाहिए। जो बच्चे ट्रांसपोर्ट से स्कूल आते जाते हैं ट्रांसपोर्ट का खर्चा वहन करने में सक्षम है ,किसी स्कूल में पढ़ने जाते हैं।ऐसे बच्चो का एडमिशन शिकायत मिलने पर जाचोपरान्त रद्द कर दिया जाएगा।राईट टू एजूकेशन एक्ट के तहत कोई भी स्कूल डाईरेक्ट एडमिशन नही ले सकते है।
रिपोर्ट: जी पी गुप्ता
एडमिशन कंप्यूटराइज्ड लाटरी व्दारा सेट होता है। बताते चलें कि राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत बच्चो व अभिभावको को आसपास का होना चाहिए। जो बच्चे ट्रांसपोर्ट से स्कूल आते जाते हैं ट्रांसपोर्ट का खर्चा वहन करने में सक्षम है ,किसी स्कूल में पढ़ने जाते हैं।ऐसे बच्चो का एडमिशन शिकायत मिलने पर जाचोपरान्त रद्द कर दिया जाएगा।राईट टू एजूकेशन एक्ट के तहत कोई भी स्कूल डाईरेक्ट एडमिशन नही ले सकते है।
रिपोर्ट: जी पी गुप्ता


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