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Wednesday, June 23, 2021

कोरोना के कारण बंद विद्यालयों के छात्रों को घर पर शिक्षा देने के तरीकों पर हुआ विचार-विमर्श

                         

परिषदीय विद्यालयों से पढ़ कर निकले उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को अपने गांव के बच्चों के साथ शिक्षण गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करेगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

20 से 22 जून तक छः सत्रो़ में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने  "राष्ट्र हित में शिक्षा,शिक्षा हित में शिक्षक,शिक्षक हित में समाज" ध्येय की प्राप्ति हेतु आयोजित की जनपदवार ऑनलाइन बैठकें

चन्दौली कोरोना महामारी के कारण जहां पूरा देश प्रभावित है,आम हो खास सबका जीवन और देश की आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं वही इसका सबसे ज्यादा असर विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ा है क्योंकि लगभग डेढ़ वर्षों से विद्यालयों के ताले बच्चों के लिए खोले नहीं जा सके हैं, ऐसे में इन छात्रों का प्रत्यक्ष पठन-पाठन प्रभावित हुआ जिसको दूर करने के लिए विद्यालयों ने आनलाइन शिक्षण व्यवस्था शुरू किया। जिसमे उत्तर प्रदेश राज्य के विभिन्न परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र अपने कमजोर आर्थिक एवं सामाजिक परिवेश के कारण पैदा हुए संसाधनों की कमी से जूझते रहे।संसाधनों की कमी के कारण प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों शिक्षा से नही जुड़ पाए जिसकी 

वजह से उनके ज्ञान का स्तर तेजी से नीचे गया, जिसकी चिंता "राष्ट्र हित मे शिक्षा, शिक्षा हित मे शिक्षक, शिक्षक हित मे समाज" के ध्येय पर कार्य करने वाला संगठन होने के नाते राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने की। शिक्षा से वंचित इन सुविधा विहीन छात्रों को शिक्षण गतिविधियों में शामिल करने के लिए आनलाइन शिक्षण से इतर अन्य प्रभावी शिक्षण गतिविधियों एवं तकनीकों पर विचार विमर्श करने के लिए दिनांक 20 जून 2021 से 22 जून 2021 तक प्रतिदिन दो सत्रों के साथ कुल छह सत्रों में जनपदवार दो-दो श्रेष्ठ नवाचारी शिक्षकों तथा कई राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ आनलाइन ज़ूम बैठक आयोजित की गयीं, जिसका संयोजन प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने व संचालन संयुक्त रूप से प्रदेश मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव तथा प्रदेश संयुक्त मंत्री और वाराणसी के जिलाध्यक्ष शशांक कुमार पाण्डेय "शेखर" ने किया। सत्रवार इस बैठक की अध्यक्षता क्रमशः 

प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह एवं प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह ने की। जनपद से प्रतिभागी शिक्षकों में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला पदाधिकारी प्रमोद कुमार,रीता पाण्डेयव विकास चंद सिंह द्वारा कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए जिसमें बच्चों को उनके घर पर पहुंचकर साप्ताहिक विषय वार वर्कशीट दी जाए व उसको जांच करके उपलब्धि का मूल्यांकन किया जाए,जो पुरातन छात्र विद्यालय से पढ़ कर निकले हैं व अब उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं अगर उनके पास एंड्रॉयड फोन है तो उनको प्रोत्साहित करके गांव में टोलियाँ बनाकर परिषदीय विद्यालय के बच्चों को उनके साथ प्रतिदिन एक निश्चित समय पर जोड़ा जाए व उसी दौरान उनके साथ विद्यालय के शिक्षक भी ऑनलाइन जुड़े और शिक्षण कराएं, डीएलएड प्रशिक्षुओं को अनिवार्य रूप से प्रेरणा सारथी बनाया जाए व उसी के आधार पर उनको प्रयोगात्मक अंक दिए जाएं।शिक्षक भी कक्षा बार इन प्रेरणा सारथियों के साथ ऑनलाइन जुड़े व बच्चों की 

उपलब्धि पर नजर रखें, प्रेरणा सारथियों को मोबाइल डाटा उपलब्ध कराया जाय जिससे वे बच्चों के साथ आनलाइन शिक्षण हेतु मोटिवेट हो, प्रतिदिन बच्चों के अभिभावकों से बात करके बच्चों का फीड बैक लिया जाय, आदि मुख्य सुझाव रहे।प्रदेशीय प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्रा, प्रदेशीय उपाध्यक्ष रानी परिहार, प्रदेश महामंत्री महिला संवर्ग अर्चना शर्मा, प्रदेशीय संयुक्त मंत्री हरिओम शर्मा, प्रदेशीय मंत्री कामतानाथ, मण्डल अध्यक्ष लखनऊ महेश मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष रीना त्रिपाठी, महामन्त्री श्वेता सिंह, मंडल मिर्जापुर के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा जी, अशोक त्रिपाठी,  इंदुप्रकाश सिंह, आनंद कुमार सिंह, चंद्रदीप यादव, मुकेश शर्मा, रविकांत मिश्र, अरविंद तिवारी,प्रकाश चन्द्र मिश्र, अशोक कुमार कश्यप, संजय तिवारी, अमित यादव, अशोक राय, राजेश सूर्यवंशी, विनय प्रकाश श्रीवास्तव, अदीप सिंह, प्रदीप सिंह चौहान, अंजनेय त्रिपाठी, दुष्यंत रघुवंशी, मोइन खान, राजेश मिश्र, महेश मिश्रा, इलयास मंसूरी, उदयभान वर्मा, अर्चना पाण्डेय, वसीम अहमद, नीलम सिंह, नगेन्द्र प्रकाश मिश्र, मधुकर सिंह, हेमंत कटारा, पंकज वर्मा, यूसुफ अली, अरुण पाण्डेय, रीता पाण्डेय, शिवश नंदन, अभिषेक पुरवार, आनन्द प्रताप सिंह आदि ने अपने सुझाव दिए।



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