रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया-उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद् लखनऊ के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता द्वारा सोमवार को शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान का भ्रमण किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ तुषार कान्ति बेहेरा ने उनका एवं उनके साथ उपस्थित प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया एवं संस्थान द्वारा संचालित सब्जियों से सम्बंधित शोध परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निदेशक महोदय ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि संस्थान ने अब तक सब्जियों की 100 अधिक किस्मों/संकरो का विकास किया है जो देश भर के किसानों के बीच बहुत प्रचलित है। साथ ही साथ सब्जी उत्पादन एवं सब्जी फसल सुरक्षा हेतु नवीनतम तकनीकें भी विकसित की गयी है जिसके माध्यम से सब्जी किसानों की उत्पादकता में वृद्धि के साथ साथ उनकी आय भी बढ़ रही है। कैप्टन विकास गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान की अब तक की उपलब्धियों की भूरी –भूरी प्रसंशा करते हुए सभी वैज्ञानिकों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि सब्जियों की 
खेती द्वारा किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा इस दिशा में हर संभव सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों से जैविक सब्जी उत्पादन तथा कीटनाशी अवशेष मुक्त सब्जी उत्पादन से सम्बंधित प्रौद्योगिकी के विकास पर बल देने का आह्वान किया जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण सब्जी प्राप्त हो सके और सब्जियों का निर्यात भी बढ़ाया जा सके। उनके द्वारा संस्थान के शोध प्रक्षेत्र एवं प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया गया जहाँ उन्होंने वैज्ञानिकों से उनके शोध गतिविधियों के बारे में चर्चा की।उनके द्वारा संस्थान में चल रही उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा पोषित परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई एवं सहजन के पौधों का रोपड़ भी किया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल के सदस्य एवं मुज्जफ्फरपुर स्थित लीची अनुसन्धान केंद्र के भूतपूर्व निदेशक डॉ विशाल नाथ,नरेन्द्र अग्रवाल, संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष ए वं वैज्ञानिक-गण उपस्थित रहें। इस पूरे कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. सुधाकर पांडेय प्रधान वैज्ञानिक ने किया।कार्यक्रम के अंत में डॉ पी. एम. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मंच का संचालन डॉ नीरज सिंह, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा किया गया।

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