रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया- मोहनसराय मे किसान संघर्ष समिति की बैठक किसान नेता विनय शंकर राय "मुन्ना" की अध्यक्षता मे हुई। जिसमे जिलाधिकारी वाराणसी द्वारा मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना के किसानों की जमीन भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा 91(1) के तहत दो अनुसूचियों मे निराकरण हेतु शासन को संस्तुति हेतु पत्र भेंजा है जिसमे जो किसान मुआवजा नही लिये है उनकी जमीन अवश्य डिनोटिफाई कर वैधानिक रूप से वापस करने हेतु जिलाधिकारी ने संस्तुति किया है और जो किसान मुआवजा लिये है उनकी मुआवजा राशि वापसी इत्यादि प्रक्रिया हेतु प्रस्ताव गया है।ज्ञातव्य हो कि उक्त निर्णय प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में दिनांक 31/ 12 /2020 को लिया गया था जिसके आधार पर डिनोटिफाई करने हेतु जिलाधिकारी वाराणसी ने आयुक्त एवं निदेशक भूमि अध्याप्ति निदेशालय, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को प्रस्ताव भेजा है, जिसका मोहनसराय किसान संघर्ष समिति ने स्वागत प्रस्ताव पास करते हुए एक स्वर से कहा कि संघर्षरत किसानों की जमीन वैधानिक रूप से भाजपा सरकार में वापस हो रही है, जिसका किसान स्वागत करेंगे, क्योंकि वैधानिक रूप से किसानों के अधिकार नहीं होने के कारण से किसानों को सरकारी लाभों से वंचित होने के साथ-साथ सामाजिक एवं मानसिक उत्पीड़न का भी शिकार होना पड़ रहा है। किसानों के लड़को की शादियां नही हो पा रही है, जिससे निजात मिलते ही किसान दलगत राजनीति को ठोकर मार कर सरकार का अभिनंदन करेंगे। बैठक की अध्यक्षता मोहनसराय किसान संघर्ष समिति के संरक्षक किसान नेता विनय शंकर राय "मुन्ना" ने किया एवं संचालन मेवा पटेल ने किया, बैठक में प्रमुख रूप से दिनेश तिवारी, विजय नारायण वर्मा, कृण्ण मूर्ति सिंह , समीर सिह "विशाल" , शिवराज तिवारी, विजय गुप्ता, खंझाटी राम, अमृत लाल , प्रेम शाह, बलिराम पटेल, जय प्रकाश मिश्रा, उमा शंकर पटेल इत्यादि लोग शामिल थे।
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