चन्दौली चकिया वनदेवी भगवान श्री राधा गोविंद की विशेष कृपा से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में भगवान की मंगलमय लीला महाराज जी के द्वारा कही जा रही है।भागवत कथा के छठी निशा के कथा व्यास शरण दास जी महाराज ने ने सूर्यवंश का वर्णन करते हुए भगवान श्री सीताराम जी का गुणगान करते हुए छठ पूजा पर विशेष बातें कहीं और उन्होंने कहा कि छठ पूजा पवित्रता आस्था एवं संस्कार का महापर्व है। छठ पूजा में जब सौभाग्यवती माताएं सौभाग्य के चिन्हों को धारण करके पवित्र व्रत का अनुष्ठान करती हैं तो ऐसा लगता है जैसे मां भगवती स्वयं इस धरा धाम पर दर्शन दे रही हो। महाराज जी ने कहा हमें भारतीय सनातन संस्कृति में जन्म लेने पर गर्व होना चाहिए और इसकी रक्षा एवं सम्मान हम सबकी जिम्मेदारी है।आज आधुनिकता के भाग दौड़ में समाज विपरीत रास्ते पर निकल पड़ा है जिसको दिशानिर्देश सत्संग से ही प्राप्त है। भारतवर्ष ऋषि-मुनियों के तपस्या की भूमि रही है और हम सब में भी उन्हीं विषयों के संस्कार हैं जो हमें विश्वगुरु बनाते हैं। भारत विश्वगुरू अपने संस्कार एवं संस्कृति के बदौलत है हमारे संस्कार और संस्कृति ही संपूर्ण विश्व में भारतवर्ष को जगतगुरु के सिर्फ स्थान पर शोभित करते हैं।महावीर सेवा समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा में ओमप्रकाश पांडे व्यास, राजीव पाठक, संतोष कुमार मौर्य, प्रमोद चौबे, जितेंद्र कुमार, हौसिला प्रजापति, हंसु, अंशु केसरी, पवन केसरी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेश विश्वकर्मा ने किया।
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