रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया-: शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सब्जियों से पोषण सुरक्षा एवं उद्यमीकरण विचार-विमर्श"पोषण, उद्यमिता एवं पर्यावरण के लिए सब्जी अनुसंधान एवं नवाचार’’ पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन कुल पांच सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 5 लीड् व्याख्यान, 22 आमंत्रित व्याख्यान एवं 5 ओरल व्याख्यान दिये गये एवं 2 विशेष व्याख्यान दिये गये। व्याख्यान में मानव पोषण में रंगीन सब्जियों के महत्व के बारे में बताया गया। बैगनी रंग की सब्जियों जैसे- बैगनी गाजर, चुकन्दर एवं पोई साग में एन्थोसाइनिन अधिक मात्रा में पायी जाती है जिसमें एण्टीआक्सीडेण्ट गुण पाया जाता है जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। बदलती जलवायु परिदृश्य में अल्प प्रचलित सब्जियों के मानव पोषण के बारे में बताया गया । कीटों के एकीकृत प्रबंधन तकनीकी के बारे में भी चर्चा की गयी।इसी सत्र में सब्जियों का आनुवांशिक उन्नयन के ऊपर चर्चा की गयी। आनुवांशिक उन्नयन द्वारा सब्जियों में सुगन्ध बढाना, जैविक एवं अजैविक तनावों के प्रभाव को दूर करने के लिए ग्राफ्टिंग तकनीकी के प्रयोग, उद्योगों के लिए उपयोगी किस्मों का विकास, फूलगोभी में संकर किस्मों के विकास के लिए साइटोप्लाज्मिक नर बंध्य लाइनों का विकास एवं मटर में उपज बढ़ाने के लिए ऐसे लाइनों का विकास जिसमें प्रति गुच्छे अधिक फूल आये एवं फल बने पर चर्चा की गयी। बीज उत्पादन से उद्यमीकरण एवं इसमें निजी व सरकारी हिस्सेदारी के ऊपर भी चर्चा की गयी।
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