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Friday, December 10, 2021

मानवाधिकारों के अन्तर्गत आने वाले अधिकांश अधिकार हमारे वो मौलिक अधिकार हैं जो हमारा संविधान हमें देता है-योगेंद्र कुमार सिंह"योगी"

                    

रिपोर्ट-डा०देवेन्द्र

चन्दौली।शुक्रवार को बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय फत्तेपुर नवही (मझवार) में विश्व मानवाधिकार दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।कार्यक्रम के मुख्य अथिति  Human Right C W A के चेयरमैन योगेन्द्र कुमार सिंह (योगी)  रहे। कार्यक्रम की शुरुआत  चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) विपिन रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश में शाहिद भारत देश के वीर जवानों को याद कर श्रद्धांजलि देने के उपरांत कार्यक्रम में सम्मिलित सभी लोगों को संबोधित करते हुए संगठन के  चेयरमैन ने विश्व मानवाधिकार दिवस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि,द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सम्पूर्ण विश्व में मानव समाज एक बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा था। यह वो समय था जब मानव सभ्यता और मानवता दोनों ही शर्मसार हो रही थीं। क्योंकि युद्ध समाप्त होने के बाद भी गरीब और असहायों पर अत्याचार, जुल्म,हिंसा और भेदभाव जारी थे।यही वो परिस्थितियाँ थीं जब संयुक्त राष्ट्र ने प्रत्येक मानव के मनुष्य होने के उसके मूलभूत अधिकारों की जरूरत को समझा और यूनीवर्सल मानव अधिकारों की रूपरेखा को ड्राफ्ट किया जिसे 10 दिसम्बर 1948 को अपनाया गया। इसमें मानव समुदाय के लिए राष्ट्रीयता, लिंग, धर्म,भाषा और अन्य किसी आधार पर बिना भेदभाव किए उनके बुनियादी अधिकार सुनिश्चित किए गए।  इस ड्राफ्ट को औपचारिक रूप से 4 दिसंबर 1950 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्ण अधिवेशन में लाया गया। तब इसे सभी देशों और संगठनों को अपने अपने तरीके से मनाने के लिए कहा गया। भारत में 28 सितंबर 1993 से मानवाधिकार कानून लागू किया गया और 12 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन हुआ।मानवाधिकारों के अन्तर्गत आने वाले अधिकांश अधिकार हमारे वो मौलिक अधिकार हैं जो हमारा संविधान हमें देता है,बल्कि हर देश का संविधान अपने नागरिकों को देता है। बढ़ते हुए मानव हनन उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता ब्यक्त करते हुए चेयरमैन ने कहा कि  समाज के लोग जब तक शिक्षित एवं जागरूक नही होंगे तब तक मानव हनन उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश नही लग सकता है। इसी के साथ मानवाधिकार CWA प्रदेश अध्यक्ष (महिला विंग) डाक्टर सरिता मौर्या ने महिला उत्पीड़न पर चिंता ब्यक्त करते हुए कहा कि आज महिलाओ को शिक्षित कर समाज मे ऊपर उठाने की जरूरत है। जिससे वे पूर्ण रूप से शसक्त होकर समाज के निर्माण में अपनी महत्व पूर्ण भूमिका को निर्वहन करे। जिससे उनको समाज मे इज्जत और अधिकार मिल सके। जिलाध्यक्ष संतोष पांडे और जिला प्रभारी अमित कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि मानव हनन उतिपड की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कार्यकर्ताओ को आगे आने की  जरूरत है।  प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि आज के समय मे इंसानों को शुद्ध हवा, जल, भोजन, भी नसीब नही हो रहा है। बढ़ते प्रदूष से मानव जीवन खतरे में पड़ गया है। अन्य वक्ताओं ने कार्यक्रम में अपने विचार ब्यक्त करते हुए कहा कि  मानवाधिकार आयोग यह सुनिश्चित करता है कि हर व्यक्ति को भोजन मिले, कहा जा सकता है कि इन अधिकारों की फेहरिस्त में मानव के भोजन के अधिकार को प्रमुखता से रखा गया है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में अब भी 20 करोड़ से ज्यादा लोगों को भूखे पेट सोना पड़ता है। कार्यक्रम मे मुख्य रूप से आनंद सिंह ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय सहारा , धीरेंद्र सिंह शक्ति प्रभारी ज्ञान शिखा टाइम्स, रामकृष्ण झा प्रदेश प्रभारी CWA, प्रबंधक अजय कुमार सिंह, अरविंद कुमार, संजय तिवारी, कमलेश तिवारी, सुधांशु, डाक्टर अभिषेख कुमार सिंह, प्रशांत सिंह सुदर्शन न्यूज, शशिकांत, शम्भू मौर्य,अवनीश, अनिल,साधना तिवारी चंद्रेश तिवारी शमशेर, मृत्युंजय बर्मा,आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव संतोष कुमार प्रजापति ने किया।



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