कानपुर रिश्वत के आरोप में जेल से जमानत पर छूटने के बाद दरोगा दयाशंकर वर्मा को पुलिस कमिश्नर ने सस्पेंड कर दिया है। इस संबंध में बताया गया कि जेल से छूटने के बाद दरोगा अपना पक्ष रखना चाहते थे लेकिन प्रेस कान्फ्रेंस करने से पहले ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। बताया गया कि दरोगा का दावा है कि उन्होंने तत्कालीन बर्रा थाना प्रभारी के कहने पर उनके लिए ₹50000 की घूस ली थी।नजीराबाद थाने में तैनात रहे दरोगा दयाशंकर वर्मा को 2 दिन पहले लाइन हाजिर कर दिया गया था,लाइन हाजिर हुए दरोगा पिछले दिनों बर्रा थाने से 50 हजार रुपए की घूस लेने के मामले में जेल भेजे गए थे। जेल से छूटने के बाद जब दरोगा की बहाली हुई तो वह आम जनमानस के साथ अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखना चाहते थे, जिसके चलते उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस करने का इरादा बनाया और अपना पक्ष रखने की तैयारी में जुट गए। इसी बीच जब विभाग को पता चला तो लाइन में आमद नहीं कराने और बगैर अनुमति प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा करने के आरोप में दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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