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Friday, December 16, 2022

जिले में वृहद रूप से आयोजित हुआ निक्षय दिवस

हर 15 तारीख को मनाया जाएगा निक्षय दिवस – 

सीएमओ     

चंदौली जनपद में वृहस्पतिवार को हर स्वास्थ्य केंद्र व चिकित्सालय पर निक्षय दिवस का आयोजन किया गया | इसका मुख्य उद्देश्य क्षय रोगियों की पहचान करके उनका उपचार करना जिससे वर्ष 2025 तक इस रोग को जड़ से ख़त्म किया जा सके | 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वाई के राय ने बताया कि जिला अस्पताल सहित नगरीय एवं ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर निक्षय दिवस का सफतापूर्वक आयोजन किया गया | जिले के समस्त इकाइयों पर करीब 172 संभावित क्षय रोगियों को चिन्हित कर जांच की सुविधा दी गयी | उन्होंने कहा कि हर माह की 15 तारीख को जिले के सभी स्वास्थ्य केन्दों में निक्षय दिवस का आयोजन किया जाएगा | इसके लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किए जाने की आवश्यकता है ।   

जिला कार्यक्रम समन्वयक पूजा राय ने बताया कि निक्षय दिवस जिले के 40 स्वास्थ्य केन्द्रों एवं 193 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मनाया गया । इसमें ओपीडी में आने वाले मरीजों में क्षय रोग के लक्षण जैसे दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बुखार या लगातार वजन का कम होना आदि दिखने वाले 432 व्यक्ति चिन्हित किए गए। इसमें से 172 लोगों का बलगम सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेजा गया । साथ ही 77 क्षय रोगियों की एचआईवी जांच एवं 132 क्षय रोगियों की मधुमेह की जांच की सुविधा दी गयी | इस दौरान क्षय रोग से ग्रसित 19 मरीजों को इलाज पर रखा गया | शेष मरीजों के बलगम की जांच के लिए लैब भेजा गया  |

पूजा राय ने बताया कि निक्षय दिवस पर संभावित क्षय रोगी के परिवार के सदस्यों की भी सूची भी बनाई गयी जिसे समुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) व आशा संगिनी के माध्यम से संबंधित सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) को उपलब्ध कराए गए | साथ ही टीबी लैब सुपरवाइजर (एसटीएलएस) एवं लैब टेक्नीशियन ने एचआईवी एवं मधुमेह की जांच से छूटे हुए क्षय रोगियों की जांच कर सभी के बलगम नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया | क्षय रोगियों की सूचना को निक्षय पोर्टल पर अपडेट कराया गया और निश्चय पोषण योजना से जोड़ा गया | जिससे इलाज के दौरान सरकार की ओर से दिये जाने वाले 500 रुपये का पोषण भत्ता का लाभ मिल सकें | जो क्षय रोगी बीच में इलाज छोड़ चुके थे उन्हें आशा कार्यकर्ता के माध्यम से स्वास्थ्य केन्द्रों पर लाया गया और उनका पुनः इलाज शुरू करने पर विशेष बल दिया गया |



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