रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी।पटना से चलकर काशी आगमन पर चाणक्या फाउण्डेशन के संस्थापक शिक्षा के महानायक का काशी में सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम के नेतृत्व में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन हुआ। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय ने डा. अशोक "गगन" को अंग वस्त्र से अभिनंदन करते हुये कहा कि काशी में प्राचीन काल से शिक्षा विद को सम्मानित करने की परंपरा रही है। चाणक्या फाउण्डेशन के संस्थापक डा. अशोक "गगन" ने कहा कि बिहार , झारखंड और उत्तराखंड में लगभग 40 उच्च एवं व्यवसायिक शिक्षण संस्थान का कुशल संचालन हमारी संस्था चाणक्या फाउण्डेशन कर रही है, अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शिक्षण संस्थान का केन्द्र खोलने से पहले बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद लेने आया हूं। अशोक "गगन" ने कहा कि तक्षशीला और काशी प्राचीन भारत के दो सबसे प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र थे, जो ज्ञान के दीपक की तरह चमकते थे। तक्षशीला में चाणक्य और पाणिनी जैसे महान विद्वानों ने शिक्षा प्राप्त की थी, जबकि काशी में महर्षि वेदव्यास और महर्षि पतंजलि जैसे महान विद्वानों ने अपने ज्ञान का प्रसार किया था। इन केंद्रों ने दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित किया और उन्हें ज्ञान, विज्ञान, और संस्कृति की शिक्षा दी जिसको आत्मसात करते हुये चाणक्या फाउण्डेशन ने तक्षशिला के बाद अब काशी में शिक्षण संस्थान खोलने का निर्णय लिया है।अभिनंदन समारोह की अध्यक्षता सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम एवं संचालन विनय शंकर राय "मुन्ना" ने किया। प्रमुख रूप से विद्या सागर राय, एडवोकेट राजेश प्रसाद सिंह, कृपा शंकर राय, समीर सिंह "विशाल", दिलीप शर्मा, मनीष सिंह, चंदन सिंह, मुकेश कुमार, प्रभात कुमार, अमरेंद्र कुमार, राजेश पटेल ने विचार व्यक्त किया।

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