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Tuesday, March 10, 2026

आज भी महिलाओं का संघर्ष उतना ही है जितना वर्षों पहले था-बिन्दु सिंह

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के परिप्रेक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित 

चन्दौली नौगढ़'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' के परिप्रेक्ष्य में ग्राम्या संस्थान द्वारा नौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत संचालित शैक्षणिक केन्द्र (चिराग केन्द्र) लालतापुर, नौगढ़-चन्दौली में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में महिला कल्याण विभाग, चन्दौली की महिला कार्यकर्ताओं, नौगढ़ थाना एवं चकरघट्टा थाना के महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी, ग्राम्या संस्थान की अध्यक्ष पद्मा जी, वरिष्ठ फेमिनिस्ट एवं समाजसेवी कंचन सिन्हा जी, प्रसिद्ध लेखक एवं वैज्ञानिक सोच वाले समाज सुधारक रवि जी, वरिष्ठ महिला समूह लीडर्स ने प्रतिभाग किया एवं अपने-अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन द्वारा किया गया। किशोरियों के द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। मंच पर उपस्थित अतिथियों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ' महिला दिवस' का थीम सॉन्ग नीतू सिंह एवं वरिष्ठ महिला लीडर्स ने मिलकर गाया जिसे सभी ने तालियां बजाकर प्रशंसा की। तत्पश्चात बिन्दु सिंह, निदेशक ग्राम्या संस्थान ने नौगढ़ एवं चकिया विकास खण्ड से बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों तथा विशिष्ट अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास के बारे में संक्षिप्त रूप से बताया। इस क्रम में उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं का संघर्ष उतना ही है जितना वर्षों पहले था। उन्होंने सबकी पढ़ाई, सबकी दवाई, शिक्षा, रोजगार, जेन्डर समानता, हिंसा से सुरक्षा इत्यादि के प्रति जारी महिलाओं के संघर्ष को रेखांकित किया। 'कन्या भ्रूण हत्या' पर केंद्रित एक नुक्कड़ नाटक बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत किया एवं टीम की बेहतरीन प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। इसके जरिए बेटा-बेटी को एक जैसा एवं बराबरी का दर्ज़ा दिए जाने का संदेश दिया गया।प्रतिभागियों के साथ वर्तमान समय की चुनौतियों विशेषकर महिलाओं के स्वयं के उत्थान, जेंडर गैर-बराबरी, रोजगार का संकट, घरेलू एवं कार्यस्थलों पर होने वाली हिंसा/दुर्व्यवहार इत्यादि के बारे में संवाद किया 

गया। इस अवसर पर 'बेटी हूं मैं बेटी, मैं तारा बनूंगी ', महिला के मिलल अधिकार, महिला जागी नहीं', हम औरत की जिनीगिया कैसे सुधरी' जैसे प्रेरक गीत भी प्रस्तुत किया गया। वरिष्ठ महिला लीडर लक्ष्मीना ने बदलाव के लिए सभी को कन्धे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया।महिला लीडर संगीता ने कहा कि आज महिलाओं का दिन है, महिलाओं की आज़ादी का दिन है। महिला आरक्षी सरिता एवं ममता ने आपातकालीन नम्बर  112, 1090 इत्यादि के साथ आवश्यक होने पर इनके प्रयोग किए जाने पर जोर दिया।संस्थान की अध्यक्ष पद्मा जी ने अपने संबोधन में महिला प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि बाहर निकलकर ही कुछ सीखा जा सकता है। इसलिए ऐसे अवसरों में प्रतिभाग अवश्य करें। महिलाओं को सिर्फ घर ही नहीं बल्कि अब नेतृत्व क्षमता मजबूत कर देश भी चलाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अन्त में बिन्दु सिंह, निदेशक ग्राम्या संस्थान ने सभी विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिभागी महिलाओं/किशोरियों को धन्यवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस पुलिस अधीक्षक, चन्दौली को कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों हेतु जलपान व्यवस्था करने, पुलिस थाने की टीम, ब्यूटीपार्लर, सिलाई एवं कम्प्यूटर ट्रेनिंग हेतु सहयोग के लिए धन्यवाद प्रेषित किया। कार्यक्रम का संचालन नीतू एवं सुरेन्द्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर लगभग 500 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता रही। संस्था टीम से श्रीराम, सुनील, पूजा, अंजू, प्रीतम, नवीन, धर्मेंद्र, राजेश इत्यादि की उपस्थिति रही।



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