रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया।बैरवन मोहनसराय में किसान संघर्ष समिति के मुख्य संरक्षक किसान नेता विनय शंकर राय "मुन्ना" के नेतृत्व में मोहनसराय किसान संघर्ष समिति कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक हुई। जिसमें विकास प्राधिकरण सचिव के अवैधानिक बयान एवं बिना परिसम्पतियों के मूल्यांकन के किसानों के मकान, ट्यूबवेल सहित अन्य प्रतिष्ठान एवं पेड़ इत्यादि क्षतिग्रस्त करने की दमनात्मक कार्यवाई की धमकी के खिलाफ आक्रोशित किसानों ने विकास प्राधिकरण के खिलाफ एकमत से निन्दाप्रस्ताव पास करते हुये मोदी योगी सरकार से माँग किये कि बेलगाम वाराणसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष/सचिव सहित जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करें , क्योंकि इन्ही अधिकारियों की निरंकुशता एवं इनके दमनात्मक कार्यवाई का परिणाम हुआ कि वाराणसी का किसान लोकसभा 2024 के चुनाव में मोदी जी के खिलाफ मतदान किया। विकास प्राधिकरण सचिव 16 मई 2026 को बैरवन गांव में किसानों को खुलेआम धमकी दिये कि 19 मई को हाईकोर्ट इलाहाबाद से आदेश कराकर 20 मई को ट्रान्सपोर्ट नगर की कुल 314 एकड़ जमीन कब्जा कर लेंगे और जितने भी मकान इत्यादि बने हैं सबको बुलडोज कर देगे जो पूर्णतया अवैधानिक बयान है। किसानों ने सर्वसम्मत से निर्णय लिया कि न्यायालय के निर्णय का अक्षरश: पालन किया जायेगा लेकिन विकास प्राधिकरण अवैधानिक कृत्य करेगा तो उसको मुँहतोड़ जबाब दिया जायेगा। बैठक में प्रमुख रूप से डा. विजय नरायण वर्मा, उदय प्रताप पटेल, प्रेम शाह , अमलेश पटेल, रमेश पटेल, विजय गुप्ता, अवधेश प्रताप, गौरव पटेल ,चंदन पटेल, दिनेश पटेल , रमेश, मदन पटेल , उमाशंकर पटेल, रमाशंकर पटेल , प्रमोद पटेल ,राम नारायण पटेल, सुरेश पटेल, विकास पटेल, मदनलाल, सुभाष पटेल, सोमनाथ पटेल ,बलराम पटेल, प्रेम पटेल, रवि पटेल ,हनुमान पटेल ,शुभम पटेल ,लक्ष्मी नारायण, विजय पटेल, कल्लू पटेल, सुजीत पटेल, नीतीश पटेल, सोनू पटेल, अजीत पटेल, राजनाथ पटेल ,वकील ,चंदन पटेल, दीपू पटेल ,रमेश पटेल, डंगरू पटेल, रघुवर पटेल, राजेंद्र पटेल नीरज पटेल ,नीतीश पटेल, रामकुमार पटेल, राहुल, भगवानदास, राणा, रामा सहित इत्यादि किसान शामिल थे।

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