चन्दौली जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण एवं सुरक्षित प्रसव संस्थागत रूप से कराया जाए। उन्होंने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा एवं गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे।जिलाधिकारी ने ग्राम स्तर पर कार्य में शिथिलता बरतने वाली निष्क्रिय आशाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त करने तथा उनके स्थान पर नई आशाओं की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर ओपीडी सेवाओं को बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर अनावश्यक दबाव कम हो। स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में, आपके कार्यों का सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ता है। जिलाधिकारी ने कहा स्वास्थ्य सेवाओं को मरीजों के लिए सुलभ और किफायती बनाया जाय, जिलाधिकारी ने विशेषकर गरीबों के लिए समय पर जांच और इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टर समय से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहे साथ ही इमरजेंसी के डॉक्टर कार्यस्थल पर रहे ताकि स्वास्थ्य सेवा बेहतर रहे।उन्होंने सरकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) को ईमानदारी से धरातल पर उतारने हेतु निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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