चन्दौली शासन के मंशानुरूप एवं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर जिले में किसानों को उचित दर पर और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में गुरुवार (02 जुलाई) को उप कृषि निदेशक और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों का औचक व सघन निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने और दुकानें बंद रखकर भागने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।बंद मिली दुकानों को कारण बताओ नोटिसजांच टीम के आते ही कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से खिसक गए।
उप कृषि निदेशक के निरीक्षण में मेसर्स गुप्ता फर्टिलाइजर, मेसर्स पंकज खाद भण्डार और मेसर्स शिव खाद भण्डार के प्रतिष्ठान बंद पाए गए। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए इन तीनों प्रतिष्ठानों को 'कारण बताओ नोटिस' (शो-कॉज नोटिस) जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा मेसर्स हरि ओम फर्टिलाइजर, मेसर्स सौम्या फर्टिलाइजर, मेसर्स न्यू जायसवाल खाद भण्डार और मेसर्स पटेल फर्टिलाइजर की दुकानों का भी गहन निरीक्षण किया गया।
खाद की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त टीम ने अलग-अलग दुकानों से कुल 13 नमूने (सैंपल) संग्रहित किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है:
उप कृषि निदेशक द्वारा मेसर्स आई०एफ०एफ०डी०सी० कृषक सेवा केन्द्र (गोरारी) से यूरिया, डीएपी व अमोनियम सल्फेट के 3 नमूने और मेसर्स साई खाद भण्डार से 3 नमूने लिए गए।
वरिष्ठ सहायक ग्रुप-ए डॉ० पूजा त्रिपाठी द्वारा शहाबगंज क्षेत्र के मेसर्स मौर्या खाद भण्डार से यूरिया व एसएसपी, मेसर्स न्यू बजरंग खाद भण्डार से एसएसपी के 2, मेसर्स माँ मैहर खाद भण्डार से एसएसपी कॉम्प्लेक्स का 1, मेसर्स माधव ब्रदर्स से डीएपी व एनपीके के 2 और मेसर्स माँ दुर्गा कृषक सेवा केन्द्र से एसएसपी के 2 नमूने ग्रहित किए गए।
उप कृषि निदेशक ने किसान भाइयों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जिले में उपलब्ध खाद का विवरण साझा करते हुए बताया कि इस समय स्टॉक में पर्याप्त खाद मौजूद है।
| उर्वरक का प्रकार | उपलब्ध मात्रा (मीट्रिक टन में) |
यूरिया | 17,211 मै०टन |
एस०एस०पी०13,887 मै०टन |
डी०ए०पी० 5,100 मै०टन |
एन०पी०के० 4,569 मै०टन |
एम०ओ०पी० | 434 मै०टन |
उप कृषि निदेशक ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे बिक्री पॉइंट पर अपना लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक पोजीशन और वितरण रजिस्टर हमेशा अपडेट रखें। खाद की बिक्री केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही की जाए। यदि कोई भी विक्रेता ओवररेटिंग, कालाबाजारी या किसी अन्य अनियमितता में संलिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कठोर वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशन में यह सघन चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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