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Sunday, April 8, 2018

ओमप्रकाश राजभर की हुंकार ,मैं राजनीति में अंगद हूँ


वाराणसी: चौबेपुर स्थित  प्राइमरी पाठशाला  शाहपुर  खेल के मैदान में  माननीय ओमप्रकाश राजभर  ने  गरजते हुए  कहा कि कैसे आरक्षण नही मिलेगा।

 राजनिति में अंगद की तरह पैर जमा लिया हूं मेरी ताकत का एहसास देश के सभी बङे नेताओ को पता चल गया है । 30जून तक आरक्षण का विभाजन नही हो जाता है ।तो करो या मरो की तर्ज पर गरीबों की आवाज बुलन्द करूगां । उक्त बाते रविवार को दोपहर 2 बजे आर्थिक आधार पर आरक्षण व पूर्वान्चल राज्य बनाने के लिए शाहपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय खेल प्रांगण में भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मन्त्री ओमप्रकाश राजभर ने एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही ।

 उन्होंने कहा ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक आधार पर आरक्षण हर हाल में होना चाहिए ।इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय  अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली बुलाया । हमने  उनको अपनी ताकत का एहसास कराया ।30जून तक आरक्षण का विभाजन करवा कर दम लूंगा । ऐसा नही हुआ तो करो या मरो की तर्ज पर गरीबों की आवाज बुलंद करूगां ।उन्होने कहां दुसरे दलों मे समाज के लोग सांसद विधायक बन कर आते है, तो वह गांधी जी के बन्दर बन जाते हैं ।समाज के ऊपर कोई जुल्म होता है तो आंख कान बन्द कर लेते हैं ।यही वजह है कि गरीबों को 14 वर्ष का बनवास काटना पङा । उन्होने कहा कि ओमप्रकाश राजभर अधिकार के लिए गया है ,सत्ता के लिए नही । जिसका नतीजा है कि बलिया ,मिर्जापुर , भदोही ,बस्ती , मुरादाबाद के विधायक व सांसद भी आज अधिकार के लिए बोलने लगे हैं। आग लगा दिया हूं ।मैं गरीबों के लिए दो बेटे हैं कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं ।पिछडो के अधिकार के लिए मन्त्री की हैसियत से मुख्मन्त्री से गरज कर बोलता हूं। अन्य लोगों की तरह भीगी बिल्ली की तरह नहीं।

बहुजन समाज पार्टी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में बोलते थे । *बसपा के खेल में ओमप्रकाश जेल में* अखबारों में छपा । लेकिन आज हमारी ताकत का एहसास मायावती , अखिलेश , अमित शाह , सोनिया को हो गया है ।

पूर्वांचल के 125 सीटें जीतवाया हूं। लोग कहते हैं इस्तीफा दे दू। जब तक भैंस दूध देगी तब तक दूहूंगा ।

                                              रिपोर्ट: जी पी गुप्ता


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