चन्दौली चकिया ग्राम्या संस्थान एवं ऑक्सफैम इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में आज बुधवार को विकासखंड चकिया के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी पकवाड़ा अभियान के संदर्भ में मीडिया के साथ परिचर्चा आयोजित की गई। इस दौरान संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने कहा कि हर साल 25 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा विरोध दिवस मनाया जाता है। 17 दिसंबर 1999 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद इस दिवस की स्थापना हुई इस दिन को दुनिया भर में महिलाएं हिंसा के विभिन्न रूपों और मुद्दे की वास्तविक प्रकृति के अधीन के तथ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाती है। हमारे समाज में अभी भी महिलाए, लड़कियां हिंसा का शिकार हो रही हैं लड़की लड़का एवं महिला पुरुष में गैर बराबरी है, महिलाओं पर हो रही हिंसा को रोकने के लिए सरकार द्वारा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 कानून लाया गया है लेकिन इस कानून के बारे में आम लोगों को बहुत कम ही जानकारी है। इसी पर जागरूकता हेतु 25 नवंबर से 16 दिसंबर निर्भया दिवस तक अभियान चलाया जाएगा। संस्थान के सुरेंद्र ने कहा कि निष्पक्ष रूप से देखा जाए तो दुनिया भर में तीन में एक महिला ने मनोवैज्ञानिक, यौनिक,एवं शारीरिक हिंसा का अनुभव किया है। संयुक्त राष्ट्र संघ का भी मानना है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा मानवाधिकार का उल्लंघन है जिसकी वजह से महिलाओं के साथ भेदभाव, अशिक्षा, गरीबी और शांति जैसे मुद्दे हैं। कहा कि इस विषय पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने हेतु अभियान चलाया जा रहा है अभियान के अंतर्गत रैली, गोष्ठी, दीवार लेखन, पपेट शो मोमबत्ती जुलूस, जेंडर मेला सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नीतू सिंह त्रिभुवन सहित विभिन्न लोग उपस्थित रहे।
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