रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया- हनुमान जयंती के अवसर पर जक्खिनी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने बजरंगबली हनुमान के बारे में भक्तों को विस्तार से कथा सुनाया।मानस मर्मज्ञ पंडित नंदलाल उपाध्याय ने कहा कि हनुमान जैसा सेवाभावी होने पर ही प्रभु की कृपा प्राप्त होती है।उन्होंने भक्तजनों से कहा कि हनुमान जी बाल्यकाल से ही सेवाभावी थे।वे धीर गंभीर स्वभाव के थे। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। बल तथा पराक्रम होने के बावजूद भी उन्होंने कभी उसका दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने सर्वदा सेतु का काम किया चाहे राम कि सुग्रीव से मित्रता कराने की हो या माता सीता का पता लगाना हो।लक्ष्मण को मुर्छा लगने पर संजीवनी बूटी ला उन्होंने लक्ष्मण के प्राण बचाने का प्रयास किया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बीरभानपुर, मोहनसराय, गंगापुर,भीमचण्डी,कोइली,भदवर,सहित हनुमान मंदिर पर भजन,कीर्तन व भंडारे का आयोजन किया गया।
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