रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया- खुशीपुर स्थित अमरावती पुरुषोत्तम राजकीय दिव्यांग विकास संस्थान पर चार दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग वाराणसी द्वारा डिस्लेक्सिया एवं एडीएचडी से प्रभावित बच्चों की पहचान हेतु मास्टर ट्रेनर्स का चार दिवसीय 22 नवंबर से 25 नवंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।जिसके दौरान रोहनिया सुरेंद्र नारायण सिंह द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में 62 प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ देकर किया गया तथा स्वागत उद्बोधन में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य एवं भविष्य की कार्य योजना को स्पष्ट करते हुए समस्त प्रतिभागियों को सूचित किया गया कि वे अपने कार्यरत विद्यालयों में अधिगम अक्षमता से प्रभावित बच्चों की पहचान करेंगे तथा इसकी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को प्रेषित करेंगे। मुख्य अतिथि रोहनिया विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह द्वारा अपने उद्बोधन में यह कहा कि अधिगम अक्षमता से प्रभावित बच्चें भी हमारे भविष्य की धरोहर हैं।प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक ऐसे बच्चों को नियमित रूप से चिन्हांकित कर उन्हें शैक्षिक मुख्यधारा में निरंतर शामिल करते रहें यह कार्य उनके लिए राष्ट्र के प्रति सच्ची सेवा होगी तथा वह अन्य अध्यापकों को भी प्रशिक्षण विषय से परिचय करा कर जागरूक बनाएं।
इस अवसर पर रोहनिया विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी वाराणसी राजेश कुमार मिश्र,बचपन डे केयर सेंटर के समन्वयक रमेश सिंह, विशेष शिक्षक सौरभ सिंह,कमलेश कुमार,मनोज कुमार सिंह, अमरनाथ पटेल ,त्रिभुवन इत्यादि लोग उपस्थित थे।
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