पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का परिनिर्वाण दिवस मनाया गया
चन्दौली। विश्वकर्मा समाज की जाति एकता से ही समाज को राजनीतिक सामाजिक और आर्थिक बराबरी का अवसर मिलेगा। उक्त विचार स्थानीय अरविंद वाटिका लान परिसर में रविवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह के परिनिर्वाण दिवस समारोह के दौरान विश्वकर्मा स्वाभिमान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा ने व्यक्त किए।समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति को विश्वकर्मा समाज का पुरोधा बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।समारोह को संबोधित करते हुए श्री विश्वकर्मा ने कहा कि समाज को संगठित हुए बिना राजनीतिक सामाजिक आर्थिक भागीदारी नहीं मिल सकेगी। इसलिए समाज को संगठित होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चों को शिक्षित करने के लिए सामाजिक दायित्वों को बढ़ाने की जरूरत है।विशिष्ट अतिथि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज एकजुटता के अभाव में लगातार बिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर अपने हक के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि राजनैतिक सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के तहत कार्य कर रही है। जिसमें समाज के लोगों के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है।भाजपा के प्रदेश मंत्री बुद्धू लाल विश्वकर्मा ने कहा कि समाज के लोगों को सामाजिक राजनीतिक भागीदारी के लिए एकजुटता जरूरी है। जिसके तहत समाज को नई दिशा मिलेगी। जिससे समाज के लोग विभिन्न पदों पर अपनी प्रतिभा को बिखेर सकेंगे।इस अवसर पर विश्वकर्मा स्वाभिमान सम्मेलन के दौरान समाज के अतिथियों और लोगों ने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह के परीनिर्माण दिवस पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर मनाया वही लोगों ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उनकी जयंती पर नमन किया गया।इस अवसर पर श्रीकांत विश्वकर्मा, विश्वकर्मा उत्थान मंच के अध्यक्ष रिटायर्ड फौजी श्याम लाल विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा, अनीता विश्वकर्मा, नीरज विश्वकर्मा, राहुल विश्वकर्मा, मनीता विश्वकर्मा, श्यामसुंदर विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा, लोचन विश्वकर्मा, अरविंद विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, सुरेश विश्वकर्मा, रिंकू विश्वकर्मा, श्याम बिहारी विश्वकर्मा सोमारु विश्वकर्मा, सहित तमाम समाज के लोग शामिल रहे।अध्यक्षता चंदौली विश्वकर्मा उत्थान मंच के श्रीकांत विश्वकर्मा ने संचालन राजेश कुमार विश्वकर्मा कवि ने किया।
Post Top Ad
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Post Bottom Ad
About us
मीडिया के क्षेत्र में वर्षों के अनुभवों के बाद "जन सच" पोर्टल को इस विश्वास के साथ चलाया जा रहा है कि सच्ची व सही खबरें पाठकों को सुलभता के साथ उपलब्ध कराई जा सके।
नोट-"जन सच" के नाम का कोई गलत इस्तेमाल करता है तो उसकी जानकारी आप मेल पर दें सकते हैं।
हम से सम्पर्क -jansach20@gmail.com

No comments:
Post a Comment