चंदौली जनपद में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जायद सीजन में मक्का की बुवाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर, किसानों को संकर मक्का बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह जानकारी उप निदेशक कृषि भीमसेन ने दी है।किसान आगामी जायद सीजन में जनपद के किसी भी राजकीय कृषि बीज भण्डार से ये बीज प्राप्त कर सकते हैं। मक्का को गेहूं और धान के बाद तीसरी महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वर्तमान में मक्का का उपयोग मुख्य रूप से प्रोसेस्ड फूड, पोल्ट्री फीड और पशु आहार के रूप में होता है। इसके अतिरिक्त, एथेनॉल उत्पादन में भी मक्का का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो रही है। यह किसानों के लिए नकदी फसल के रूप में अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि पारंपरिक धान और गेहूं की खेती से किसानों की आय दोगुनी करना चुनौतीपूर्ण है। वैश्विक बाजार में मोटे अनाजों जैसे मक्का, बाजरा और ज्वार की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
संकर मक्का की नई किस्में न केवल पौष्टिक हैं, बल्कि कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली भी हैं। ये किस्में कम समय में तैयार हो जाती हैं और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इनकी खेती से प्रति हेक्टेयर अधिक उपज प्राप्त होगी।
बाजार में अच्छी मांग के कारण किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, मक्का की ये किस्में जलवायु परिवर्तन के प्रति भी अधिक सहनशील हैं, जिससे खेती से जुड़े जोखिम कम होते हैं।

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