विस्मृत नायिकाओं को पुनर्जीवित करती है पुस्तक : कुलपति - जनसच न्यूज़

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Saturday, March 7, 2026

विस्मृत नायिकाओं को पुनर्जीवित करती है पुस्तक : कुलपति

                 

पुस्तक का विमोचन करते कुलपति प्रोफेसर आनन्द कुमार त्यागी, चीफ प्रॉक्टर प्रो० के के सिंह, डॉ शैलेन्द्र वर्मा


शिक्षा जगत की विस्मृत नायिकाएं पुस्तक का कुलपति ने किया विमोचन

पुस्तक विक्रेताओं से व ऑनलाइन खरीद सकते हैं पुस्तक

चन्दौली डीडीयू नगर। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा ‘शिक्षाजगत की विस्मृत नायिकाएं’ पुस्तक का विमोचन किया गया। उक्त पुस्तक के लेखन के लिए कुलपति ने दोनों महिला लेखिकाओं को शुभकामनाएं दीं।

शनिवार को विश्वविद्यालय स्थित कुलपति कार्यालय में एक सादे समारोह में कुलपति प्रोफेसर आनन्द कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय की शिक्षाशास्त्र विभाग में शाधार्थिनी डॉ रीता यादव व श्रीमती शिखा राय द्वारा लिखित पुस्तक ‘शिक्षाजगत की विस्मृत नायिकाएं’ का विमोचन किया। इस अवसर पर कुलपति ने दोनों महिला लेखिका को शुभकामनाएं दी और कहा कि शिक्षा पाकर लोगों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाने वाली महिलाएँ जिन्हें समाज ने किन्हीं कारणोंवश विस्मृत कर दिया, आप दोनों लेखिकाओं द्वारा उन्हें पुन: जीवंत कर दिया गया है। पुस्तक में जिन महिलाओं को उनके शैक्षिक कार्यों के लिए रेखांकित किया गया वह बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस पुस्तक में जिन महिलाओं को स्थान मिला है उनके ऊपर और भी गहन अध्ययन करके लेखन होना चाहिए ताकि उन महिलाओं के किए गए कार्यों से शिक्षा जगत को मजबूती मिल सके। इस मौके पर दोनों लेखिका के गाइड व पूर्व विभागाध्यक्ष, शिक्षाशास्त्र विभाग डॉ (प्रो) शैलेन्द्र वर्मा भी मौजूद रहे, जिनके संरक्षण में पुस्तक लेखन का कार्य हुआ। उन्होंने दोनों लेखिका को बधाईयां देते हुए कहा कि यह पुस्तक उन महिलाओं के अकादमिक योगदान को रेखांकित करती है जिनको पुरुष प्रधान समाज ने वह स्थान नहीं दिया, जिसकी वे हक़दार थीं। उन्होंने दोनों महिला लेखिका से लेखनकार्य को जारी रखने की बात कही।चन्दौली जनपद कै दीनदयाल उपाध्याय नगर की निवासिनी डॉ रीता यादव ने बताया कि इस पुस्तक को अपनी शोधाथिनी मित्र श्रीमती शिखा राय के साथ लिखा है। इस पुस्तक को लिखने में गाइड डा. शैलेन्द्र वर्मा के निर्देशन में काफी अध्ययन किया गया। तत्पश्चात् पुस्तक पूरी हो सकी। पुस्तक लेखन में कई महिलाओं ने काफी प्रभावित किया। उक्त पुस्तक तमाम स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं व ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

इस मौके पर चीफ प्राक्टर प्रो.  के के सिंह, शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. रमाकान्त सिंह समेत कई शिक्षक व शोध छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। दोनों महिला लेखिकाओं को लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय नगर के पूर्व प्राचार्य डॉ अनिल यादव ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं।






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