नोएडा मजदूर आन्दोलन पर दमन के खिलाफ 18 को मनेगा राज्यव्यापी दिवस
लखनऊ, 16 अप्रैल। भाकपा (माले) ने कहा है कि नोएडा समेत प्रदेश में हाल में हुए श्रमिक आंदोलनों को राज्य सरकार बदनाम करने की कोशिश कर रही है। श्रमिक अशांति के पीछे बाहरी तत्वों का हाथ होने की बात कर मुख्यमंत्री और गौतमबुद्ध जिले के अधिकारी श्रमिकों के अस्तित्व पर पैदा हुए संकट पर परदा डालने और प्रदेशवासियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि सरकार की झूठ का पर्दाफाश करने और नोएडा मजदूर आंदोलन पर पुलिस दमन के खिलाफ 18 अप्रैल को ट्रेड यूनियन एआईसीसीटीयू (ऐक्टू) राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाएगी, जिसका भाकपा (माले) ने पूर्ण समर्थन किया है।
माले राज्य सचिव ने कहा कि सरकार को समझना होगा कि चार लेबर कोड लागू होने, ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से उत्पन्न रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत व बढ़ी महंगाई से मजदूर वर्ग पर आया संकट वास्तविक है। मजदूर परिवारों के सामने रोटी की समस्या पैदा हो गई है और पारिश्रमिक बढ़ाने की उनकी मांग व आंदोलन के पीछे जीवन की भौतिक स्थितियां हैं, न कि बाहरी हाथ।
इसलिए नोएडा व गाजियाबाद ही नहीं, प्रयागराज में बारा स्थित पावर प्लांट में, कानपुर के कपड़ा व चमड़ा मिलों में, लखनऊ के अमौसी व चिनहट औद्योगिक क्षेत्रों में, वाराणसी व मिर्जापुर के कालीन मजदूरों सहित कई जिलों में मजदूर आंदोलनों की सुगबुगाहट है। सरकार को मजदूरों की पारिश्रमिक बढ़ाने समेत अन्य मांगों पर तत्काल ध्यान देना होगा। यह मजदूरों का जिंदा रहने का संघर्ष है और इसे पुलिस या किसी दमन से दबाया नहीं जा सकता। सरकार मजदूरों के बजाए पूंजीपतियों की नकेल कसे।
भाकपा (माले) राज्य सचिव ने आगे बताया कि लखीमपुर खीरी में गोला तहसील क्षेत्र के मोतीपुर गांव में मंगलवार (14 अप्रैल) को अंबेडकर जयंती उत्सव मनाने के दरम्यान दलित समुदाय के दो पक्षों और बाद में पुलिस से हुए संघर्ष के मामले में तथ्यों का पता करने और ग्रामीणों से मिलने के लिए पार्टी की केंद्रीय समिति सदस्य व ऐपवा प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम घटनास्थल का दौरा करेगी। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया घटना प्रशानिक चूक को दर्शाती है।
इसके अलावा, राज्य सचिव ने बताया कि प्रदेश की राजधानी के विकास नगर में बुधवार शाम हुए भीषण अग्निकांड में गरीब बाशिंदों की करीब 1200 झोपड़ियों के जलकर राख हो जाने और आधा दर्जन बच्चों की खोजखबर न मिलने की हृदयविदारक घटना में आज भाकपा (माले) जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर के नेतृत्व में पार्टी नेता पीड़ित परिवारों से मिले।
विकास नगर अग्निकांड के सिलसिले में पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को अविलंब भोजन, वस्त्र, नगद राशि व चिकित्सा सुविधा सरकार उपलब्ध कराए, ताकि उनकी जिंदगी बचाई जा सके। इसके अलावा पक्के मकान, दस-दस लाख रुपए मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था और अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए।

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