रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया। साइबर क्राइम सेल और थाना रोहनिया पुलिस की संयुक्त टीम ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।साइबर क्राइम सेल ने प्रतिबिम्ब और एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर संदिग्ध मोबाइल नंबर चिन्हित किए। जांच में सामने आया कि गिरोह बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर फर्जी चयन पत्र, प्रशिक्षण पत्र और ज्वाइनिंग लेटर भेजता था। फिर रजिस्ट्रेशन, पुलिस सत्यापन, ड्रेस, आवास आदि के नाम पर पैसे वसूलता था। बाद में अभ्यर्थियों को वाराणसी बुलाकर गुमराह किया जाता था।रोहनिया क्षेत्र के एक कार्यालय पर छापे में कृष्ण कुमार और रोशनी प्रजापति पकड़े गए। उनकी निशानदेही पर जगतपुर से तीसरा अभियुक्त आशुतोष सिंह गिरफ्तार हुआ।पुलिस ने 9 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, 3 क्यूआर कोड, 2 कूटरचित आधार कार्ड, चयन-प्रशिक्षण के फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों के आवेदन, आधार-पैन की कॉपी और बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड बरामद किया।पूछताछ में पता चला कि गिरोह प्रसिद्ध कंपनियों के नाम का दुरुपयोग कर युवाओं से पैसे ठगता था। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ रोहनिया थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बैंक खातों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की तकनीकी जांच चल रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।

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