शानदार कार्य करने वाले अधिकारियों को मिलेगा प्रशंसा पत्र
चन्दौली कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई ने सभी संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने तथा पूरी तैयारी के साथ जुटने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि वृक्षारोपण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समय से पौधों का उठान सुनिश्चित कर लें। उन्होंने बताया कि जिले में इसके लिए 13 विशेष साइट्स का चयन किया गया है, जिस पर खंड विकास अधिकारी और वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) मुख्य रूप से फोकस करेंगे। इन स्थलों को इस तरह विकसित किया जाना है कि आगामी 2 वर्षों में इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिल सके। पौधों को जीवित रखने और उनके रख-रखाव (मेंटेनेंस) की पूरी जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ की होगी। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को जिला प्रशासन की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में पर्यावरण को समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न थीम आधारित वनों के विकास पर विशेष रूप से ध्यानाकर्षण किया गया। इसके तहत मिशन छाया, महर्षि चरक वन, समृद्धि वन, ऊर्जा वन, वंदे मातरम वन सभी संबंधित अधिकारियों को इन विशेष वनों के लिए अभी से मुस्तैद रहकर पौधरोपण की मुकम्मल तैयारी करने को कहा गया है।बैठक के दौरान जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद ने नगर के मुख्य एजेंडा बिंदु को समिति के समक्ष रखा। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के रौना में प्रस्तावित 45 MLD क्षमता के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण की ओर ध्यान आकर्षित कराया।
इस पर अधिशासी अधिकारी (पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर) और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों ने समिति को अवगत कराया कि उक्त एसटीपी निर्माण के लिए निविदा (टेंडर) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद धरातल पर जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कराना सुनिश्चित करें।

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