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Friday, October 9, 2026

आइआईवीआर में प्रौद्योगिकी दिवस-2026 आयोजित, 10 उन्नत सब्जी प्रौद्योगिकियों के हुए लाइसेंसिंग समझौते

 

रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव 

वाराणसी आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईआईवीआर) में भिंडी, लोबिया एवं कुकुरबिट्स प्रौद्योगिकी दिवस-2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की 45 से अधिक प्रतिष्ठित बीज कंपनियों एवं कृषि-व्यवसाय संगठनों के 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान द्वारा विकसित उन्नत सब्जी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना, उद्योग जगत के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना तथा किसानों और बाजार की मांग के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान की वास्तविक सफलता तभी है जब लैब में विकसित तकनीक किसानों के खेतों तक पहुंचे और उनकी उत्पादकता व आय में वृद्धि करें। उन्होंने उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद और साझेदारी को जरूरी बताया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 10 प्रौद्योगिकियों के लाइसेंसिंग समझौतों पर हस्ताक्षर रहा। इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड, अहमदाबाद के साथ टमाटर की काशी आदर्श, गाजर की काशी अरुण, कद्दू की काशी बसंत, इंडियन बीन की काशी बौनी सेम-3, लोबिया की काशी कंचन, खीरा संकर काशी नूतन, मिर्च संकर काशी सुर्ख और बैंगन संकर काशी उत्सव सहित आठ प्रौद्योगिकियों का समझौता हुआ, जिस पर कंपनी की ओर से समर्थ पटेल ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा एग्रोविन एग्री सॉल्यूशन, बेगूसराय के साथ मटर की काशी पूर्वी और देवा सीड्स, जालौन के साथ मटर की काशी उदय के लिए क्रमशः उत्पल कुमार और लक्ष्मण गुर्जर ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और कंपनियों के बीच भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं पर मंथन भी हुआ। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. इंदिवर प्रसाद ने किया।



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