रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी राजातालाब। आशा ट्रस्ट के तत्वावधान में शुक्रवार को ढढ़ोरपुर गांव में किशोरियों ने कन्या भ्रूण हत्या, यौन उत्पीड़न, दहेज और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ रैली निकाली। रैली में शामिल लड़कियां भ्रूण हत्या पर रोक लगाओ, बाल विवाह बंद करो, तिलक दहेज छोड़ो जाति पाति तोड़ो, भीख नहीं अधिकार चाहिए जीने का सम्मान चाहिए, औरत भी जिंदा इंसान है भोग की वस्तु नहीं, बाल यौन हिंसा पर रोक लगाओ आदि नारे लगा रही थीं। रैली में ढढ़ोरपुर, जयापुर, चंदापुर, भीखमपुर, असवारी, बूड़ापुर, कोइलीपुर आदि गांवों की सैकड़ों किशोरियां और महिलाएं शामिल हुईं। रैली कोइलीपुर, ढढ़ोरपुर गांव की विभिन्न बस्तियों से होते हुए आशा सिलाई कढ़ाई केंद्र पर पहुंची, जहां बालिका महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लड़कियों ने भ्रूण हत्या, दहेज, गैर बराबरी और यौन उत्पीड़न पर नाटक, भाषण और विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि आराजी लाइन ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. महेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी समाज में लड़कियों और महिलाओं के साथ भेदभाव हो रहा है जबकि संविधान ने सबको समान अधिकार दिए हैं, सामाजिक व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। ओडिशा से आए सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत दहुरी ने कहा कि सख्त कानून के बावजूद छेड़खानी, बलात्कार और घरेलू हिंसा की घटनाएं चिंतनीय हैं। महिला संगठन संयोजिका अनीता पटेल ने कहा कि लड़कियों को अपने हक के लिए खुद पहल करनी होगी। सोनी ने ग्रामवासियों से लड़कियों को पढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की अपील की। कार्यक्रम का शुभारंभ लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर और सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत दहुरी ने दीप जलाकर किया। स्वागत सीमा और मैनब बानो ने तथा संचालन सोनी और बेबी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजिका सिताबुन ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पटेल, रामसिंह वर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजू वर्मा, अनीता, सोनी, मधुबाला, ज्योति, किरन, संचिता, मनीषा, नेहा, उर्मिला, खुशबू, माला, डॉली, मुस्कान, साबिया, चंचल, अप्सरी, पूनम, सीमा, रामबचन, पंचमुखी सहित कई लोग मौजूद रहे।

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