जिलाधिकारी चन्दौली की पहल पर बेसिक शिक्षा विभाग के छात्रों के लिए ड्रेस बनाने का काम कर रही हैं भोड़सर ग्राम की महिलायें
चन्दौली विषम परिस्थितियों में इन्सान को भगवान का ही सहारा होता है।इसलिए कोरोना वायरस के चलते आयी इस वैश्विक आपदा से निजात
दिलाने एवं फिर से पूरी दुनिया को सुन्दर बनाने के लिए नारी शक्ति महिला प्रेरणा ग्राम संगठन भोड़सर की महिलाओं ने वास्तु के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का पूजन समारोह सामाजिक दूरी को ध्यान रखते हुए और भारत सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए मनाया।पूजन समारोह को सम्बोधित करते हुए नारी शक्ति महिला प्रेरणा ग्राम संगठन की अध्यक्ष श्रीमती आरती सिंह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है।इसलिए इस दिन उद्योगों, फैक्ट्रियों और हर तरह के मशीन की पूजा की जाती है।मुख्य आयोजक सुबाष विश्वकर्मा ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही देवताओं के लिए अस्त्रों, शस्त्रों, भवनों और मंदिरों का निर्माण किया था।विश्वकर्मा ने सृष्टि की रचना में भगवान ब्रह्मा की सहायता की थी, ऐसे में इंजीनियरिंग काम में लगे लोग उनकी पूजा करते हैं।यह पूजा सभी कलाकारों, बुनकर, शिल्पकारों और औद्योगिक घरानों द्वारा की जाती है।संयोजक रिंकू विश्वकर्मा ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा के पूजन-अर्चन किए बिना कोई भी तकनीकी कार्य शुभ नहीं माना जाता।इसी कारण विभिन्न कार्यों में प्रयुक्त होने वाले औजारों, कल- कारखानों में लगी मशीनों की पूजा की जाती है।भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर शास्त्रों में अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं।वराह पुराण के अनुसार ब्रह्माजी ने विश्वकर्मा को धरती पर उत्पन्न किया, वहीं विश्वकर्मा पुराण के अनुसार, आदि नारायण ने सर्वप्रथम ब्रह्माजी और फिर विश्वकर्मा जी की रचना की।पूजन में प्रमुख रुप से प्रियंका कुमारी, लालती देवी,मौसम देवी,सिब्बू रेहाना,रेखा देवी,परमिला गुप्ता काजल गुप्ता,देबी गुप्ता,अफशाना बानो,विमला देवी,सीमा विश्वकर्मा,राजमुनि मौर्या,सजीला बेगम,इत्यादि महिलायें सम्मिलित रही।


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