चकिया चन्दौली वनदेवी माता मंदिर बन देवी ग्राम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में आचार्य पंडित श्री शरण दास जी के मुखारविंद से श्रोताओं ने कथा का श्रवण पान किया। कथा में जीवन के उद्देश्य एवं अपने स्वरूप को समझाते हुए महाराज जी ने जीवन में सत्य आचरण को धारण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संस्कार विहीन जीवन ही धुंधकारी की समस्या को प्रकट करता है, जब माता-पिता संस्कारवान होंगे तो परिवार संस्कारवान होगा,परिवार के बच्चे संस्कारवान होंगे और फिर समाज संस्कारवान होगा। उन्होंने अपने धर्म और संस्कृति को न जानने के कारण पतन की ओर बढ़ रहे समाज को दिशा निर्देश करते हुए सुशिक्षित और संस्कारवान समाज निर्माण की प्रेरणा दी। कथा के विषय में महाराज जी ने कहा कथा कल्याण का विषय है मनोरंजन का नहीं। अतः श्रोता और वक्ता दोनों कथा की मर्यादा को समझें जिससे कथा मूल रूप से समाज का कल्याण करती है।इस मौके पर ओम प्रकाश पांडे कथा आयोजक,समाज सेविका डॉ गीता शुक्ला, संतोष कुमार मौर्य, ज्ञानचंद केसरी, शीतला प्रसाद केसरी,जितेंद्र कुमार,प्रमोद कुमार पुजारी,डॉ राम दुलारे यादव, प्रेम शंकर, सुरेश सोनकर, हौसला प्रजापति, हंसु,राकेश पटेल, सरजू प्रजापति, घुरहू विश्वकर्मा, शंभू प्रजापति इत्यादि सहित लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार विश्वकर्मा ने किया।
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Monday, November 8, 2021
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