रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी/सोनभद्र भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी द्वारा जनपद सोनभद्र में बुधवार को “सम्राट भूमि प्रोड्यूसर कंपनी” नामक किसान उत्पादक संगठन का उद्घाटन हुआ। इस समारोह का उद्घाटन करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. तुषार कान्ति बेहेरा ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हो रहे हैं। डॉ. बेहेरा ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती की जगह व्यवसायिक खेती कर किसानी मे कृषि उद्यमिता का सृजन कर अपने उत्पादों से अधिक आमदनी प्राप्त करनी चाहिये। किसानों को बाजार को देखते हुए सब्जियों का उत्पादन करना चाहिये जिससे वर्षभर रोजगार एवं आय मिल सके। सामुदायिक बीज उत्पादन की बात कहते हुये बीज की खरीददारी करने की बात बतायी। पीड़कनाशियों के सुरक्षित प्रयोग करने एवं संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि किसानों को अपनी जोत को बढ़ाते हुये, व्यवसायिक खेती के प्रति अपनी सोच बनायें। किसान उत्पादक संगठन किसानों को जोत बढ़ाने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, एवं बाजार में माँग बढ़ाने का आधार है जिससे किसान अपने उत्पादों को मूल्य निर्धारण स्वयं कर सकें। डॉ. सुदर्शन मौर्य ने कहा कि किसानों की कृषि विविधीकरण के लिये मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं सब्जी उत्पादन के उद्यम को अपनाना चाहिये। डॉ. आत्मानन्द त्रिपाठी ने सब्जियों में रोग व कीट प्रबंधन के तरीकों को विस्तृत रुप में बताया। जैविक खेती में जैव पीड़कनाशियों के सुरक्षित प्रयोग को भी बताया। तुड़ाई उपरान्त प्रौद्योगिकियों एवं निर्यात के लिये मापदण्डों को बताया। डॉ. शुभदीप रॉय ने किसान उत्पादक संगठन द्वारा किसानों को बीज, उर्वरक एवं पीड़कनाशियों की उपलब्धता एवं बाजार में अधिक लाभ प्राप्त करने की बात कही। इस कार्यक्रम में विकास खण्ड अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं किसान उत्पादक संगठन के सदस्य गण, ग्रीन प्लैनेट के कर्मचारी गण भी उपस्थित रहे।
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