मामला सुलझाने में जुटे बिचौलिए
चन्दौली बाप बड़ा न भईया सबसे बड़ा .....वाली कहावत कभी-कभी चरितार्थ हो ही जाती है।अप्रशिक्षितों को भी आम जन-जीवन से खिलवाड़ करने का लाइसेंस और फिर बवाल के बाद भी कोई कार्यवाही न होना कम से कम इसी कहानी को चरितार्थ करने के तरफ इशारा करता है।सूत्रों की मानें तो चकिया स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास स्थित एक प्राइवेट हास्पिटल में विगत दिनों क्षेत्र के तियरी गांव निवासी प्रसव पीड़ित एक महिला को लाया गया।जहां पैसे जमा कराने के बाद आपरेशन किया गया,आपरेशन में महिला की हालत बिगड़ने पर उसे हास्पिटल प्रबन्धक/डाक्टर द्वारा बवाल की डर से वाराणसी के एक हास्पिटल में रातों-रात शिफ्ट करवा दिया गया। जहां बच्चे की तो मौत हो गयी वहीं जीवन और मौत के बीच झुलती महिला किसी तरह चार दिन तक जिन्दा रही अन्तत:उसकी भी मौत हो गयी।
शव लेकर परिजन पहुंचे चिकित्सालय
महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर बुद्धवार को चकिया चिकित्सालय पर आ धमके, परिजनों के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी मौजूद रहे।आक्रोशित ग्रामीणों का मूड़ भांप चिकित्सालय का प्रबन्धक/डाक्टर किसी तरह मामले को सुलझाने में जुट गया और लगभग अपने मुहिम में सफल भी हो गया।घटना की जानकारी होने पर आप पास के लोगों की भीड़ मौके पर काफी देर तक जुटी रही।
कुछ वर्षों में यहां खुले है ऐसे कई चिकित्सालय
जिला संयुक्त चिकित्सालय होने के कारण चकिया में सोनभद्र और मीरजापुर तथा बिहार के भभुआ तक के मरीज आते हैं।यही देखकर यहां विगत वर्षों में लगभग आधा दर्जन प्राइवेट चिकित्सालय खोले जा चुके हैं जहां सूत्रों की मानें तो जिला संयुक्त चिकित्सालय के रेफर मरीज दलालों के माध्यम से इन चिकित्सालयों में पहुंचाये जाते है,इस एवज में दलालों को अच्छा कमीशन भी दिया जाता है।
सीएमओ ने टीम बनाकर जांच करने की बात कही
घटना के बाद सीएमओ से फोन पर मीडिया की हुई वार्ता में उन्होंने ऐसे हास्पिटलों और घटनाओं की टीम बनाकर जांच करवाने की बात कही गयी।
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