रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया काशी के दक्षिण में बभनियांव स्थित प्राचीन पुरास्थल के उत्खनन का लाइसेंस भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा मिलने के बाद पुरातत्वविदों की बभनियांव में चहल कदमी पुन: शुरु हो गई। शनिवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के प्रो.अशोक कुमार सिंह (निदेशक बभनियांव पुरास्थल ),प्रो. उमेश कुमार सिंह,आर्य महिला पीजी कालेज के प्रवक्ता डा.रवि शंकर पहुचे। यहां पर पुराविदों ने आगामी उत्खनन योजना पर विचार किया। आज उत्खनन कार्य के उद्घाटन में बीएचयू प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो,ओंकार नाथ सिंह के साथ अतिथि के रुप में कला संकाय प्रमुख प्रो. विजय बहादुर सिंह,आर्य महिला पीजी कालेज की प्राचार्या प्रो.रचना दूबे एवं प्रबंधक डा.शशिकांत दीक्षित भी उपस्थित रहेंगे।इस सत्र के उत्खनन के संदर्भ में मिडिया से बात करते हुए प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस बार उत्खनन में मुख्यतः एकमुखी शिवलिंग परिसर के पूर्ण स्वरुप का पता लगाना,पुरास्थल पर विभिन्न कालों की प्राचीन आवासीय संरचनाओं के बारे में विस्तार से जानना है। इसके साथ ही पुरास्थल पर स्थित ताम्र पाषाण कालीन अवशेषों के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त करना प्रमुख उदेश्य है।इस बार बीएचयू एवं उससे संबंधित सभी कालेजों के एमए(पुरातत्व )के विद्यार्थियों को भी पुरातात्विक प्रशिक्षण देने की योजना है।
No comments:
Post a Comment