वाराणसी राष्ट्रीय कैडेट कोर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के द्वारा पुनीत सागर अभियान एवं आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत एन.सी.सी. अधिकारी आयुष कुमार के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम एवं स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान के स्मरण में व्याख्यान, देशभक्ति काव्यपाठ एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में एन.सी.सी. अधिकारी आयुष कुमार ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में लाखों लोगों ने भाग लिया था पर कुछ स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान आज भी हमारे लिए बहुत बड़े प्रेरणा का श्रोत है।आजादी के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का त्याग किया और इन्हीं के कारण हम आज स्वतंत्र देश में रहने का आनंद ले रहे हैं। हमारे
स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जीवन, परिवार, संबंध और भावनाओं से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था हमारे देश की आजादी। इस पूरी लड़ाई में कई व्यक्तित्व उभरे, कई घटनाएं हुई, इस अद्भुत क्रांति में असंख्य लोग मारे गए एवं घायल हुए। अपने सम्मान और गरिमा के लिए हर कोई अपने देश के लिए मौत को गले लगाने का फैसला नहीं कर सकता है। इन महानायकों के जीवन परिचय के माध्यम से उन्होंने कैडेट्स को सहयोग, समाज सेवा एवं त्याग की भावना को अपनाने का सुझाव दिया और कहा कि आज हमे इन महानायकों के मूल्यों को अपने जीवन मे आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर कडेट्स ने भी अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया- कडेट्स अमन शर्मा ने कहा कि हर घर तिरंगे की
मुहिम से जुड़ते हुए हमे इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए जिस तिरंगे को हम लगाते है वो हमारी जिम्मेदारी भी होगी और हमारे किसी लापरवाही से हमारे राष्ट्र ध्वज का अपमान ना हो. इसका हमे सदैव ध्यान रखना चाहिए और सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।कैडेट प्रतिभा सेठ ने काव्य के माध्यम से कहा कि मन में स्वतंत्रता, हमारे शब्दों में विश्वास, हमारे दिल में गर्व, हमारी आत्मा में यादें होनी चाहिए।कडेट्स अंकित यादव ने "मैं दुश्मन से नही डरता मैं भारत का जवान हूँ" नामक कविता का पाठ किया।कैडेट सचिन चौबे, शौर्य सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर नायब सूबेदार हंस राज और दया राम उपस्थित थे।


No comments:
Post a Comment